प्रशासन को चेतावनी देकर कहा मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं तो उग्र आंदोलन: नारेबाजी कर रखी समस्या हल की मांग

उज्जैन। पूर्व घोषणानुसार गुरूवार को जिले के किसान जिला मुख्यालय कलेक्टोरेट पर जूटे और अपनी समस्याओं के निदान को लेकर नारेबाजी की गई। नारेबाजी के दरमियान पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी को भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बहादुरसिंह आंजना की उपस्थिति में ज्ञापन का वाचन कर सौंपा गया । इसके साथ ही प्रशासन को चेतावनी देकर कहा गया कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नही लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।भारतीय किसान संघ के किसानों ने उज्जैन जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए ज्ञापन दिया है। जिला प्रचार प्रमुख जालम सिंह रेबारी के अनुसार प्रमुख रूप से उज्जैन जिले में हुई अल्प वर्षा के कारण सूखे की स्थिति निर्मित हो रही है ट्यूबवेल एवं कुए अभी से ही सुख रहे हैं।  तालाबों में पानी नहीं है , नदियां सुखी रह गई जिले भर से आए कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेताया कि अगर हमारी मांगो पर शीघ्रता से निर्णय नहीं लिया गया तो अब अधिक से अधिक संख्या में किसान उग्र आंदोलन करेगा।

ये रखी मांगे--नर्मदा का पानी नहरों के माध्यम से खेतों तक पहुंचाया जाये और बाकी बची तहसीलो में भी पाईप लाईन बिछाई जाये। सुखे तालाब, नदियों में नर्मदा का पानी छोड़ा जाये, 25 अक्टूबर तक चालू की जाये। उज्जैन जिले को सुखा घोषित किया जाये, जिसमें राहत राशी. बीमा व अन्य सुविधा किसानों को दी जायें, सुखे के तहत।- अघोषित विद्युत कटौती गाँव में तुरंत बद की जावें। कृषि के लिए 10 घंटे दिन में बिजली दी जायें।- खाद्य के टोकन में दिक्कत का सामना किसानों को करना पड रहा है, उसका सरलीकरण किया जाये।-बीज निगम की स्थापना उज्जैन जिले में की जाये, पूर्व में आगर रोड़ पर थी पर अभी देवास किया गया है।

– कान्ह डायवर्शन योजना में 70 फिट  नीचे खुदाई की जा रही है और पिछले दो माह से पानी को 6-7 मोटर डालकर नाले में बहाया जा रहा हैं । गांव ब्रजराज खेड़ी, पाल खेड़ी, हासामपुरा, और चान्दमुख में भयंकर जल संकट उत्पन्न हो गया है। इन गांवों में किसानों को विशेष मुआवजा राहत निर्माणकर्ता कंपनी से दिलाई जाए।

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