नेपानगर। नेपा लिमिटेड, नेपानगर में श्रमिकों का शोषण चरम पर है। संस्थान में कार्यरत स्थायी, संविदा और बदली कर्मचारियों का लगभग 17 माह का वेतन लंबित है। दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहार सिर पर हैं, लेकिन कर्मचारियों के घरों में खाली हाथ का अंधेरा है।नेपामिल्स श्रमिक संघ (मान्यता प्राप्त – इंटक) ने इस गंभीर मामले को लेकर मुख्य महाप्रबंधक कारखाना को 12 अक्टूबर 2026 को पत्र लिखा है। संघ अध्यक्ष प्रवीण सोनी ने पत्र में सीधे तौर पर प्रबंधन पर नए श्रम कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया है।पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा लागू नई श्रम संहिता (Labour Code) के तहत हर नियोक्ता की वैधानिक जिम्मेदारी है कि वह हर श्रमिक को वेतन माह की 7 तारीख तक भुगतान करे। लेकिन नेपा प्रबंधन इस प्रावधान का घोर उल्लंघन कर रहा है।संघ ने बताया कि इस संबंध में कई बार मौखिक चर्चा और लिखित पत्रों के जरिए प्रबंधन को आगाह किया गया, लेकिन आज तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।वेतन न मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। नतीजतन, स्थायी, संविदा और बदली वर्करों में प्रबंधन के खिलाफ ही नहीं, श्रमिक संघ के प्रति भी रोष और आक्रोश का माहौल बन रहा है। कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है।संघ ने करबद्ध निवेदन किया है कि त्योहारों की पवित्रता और कर्मचारियों की दयनीय स्थिति को देखते हुए 17 माह के लंबित वेतन का भुगतान शीघ्र-अतिशीघ्र कराया जाए, ताकि हर श्रमिक अपने परिवार के साथ त्योहार मना सके।*चेतावनी भरे लहजे में संघ ने साफ कहा है – यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति और औद्योगिक अशांति की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।*
नेपा मिल में वेतन का घोर संकट: 17 महीने से नहीं मिला वेतन,श्रमिक संघ के प्रति आक्रोश