प्रसाद नहीं लेने पर हुआ था विवाद, नाबालिग भी हिरासत में श्रद्धालु परिवार से मारपीट करने वाले का निकाला जुलूस

उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर जाने से पहले फूल-प्रसाद नहीं लेने पर बुधवार सुबह श्रद्धालु परिवार के साथ मारपीट करने वाले दुकानदार और उसके नाबालिग साथी को कुछ घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्य आरोपी का पुलिस दोपहर में जुलूस निकाला और कोर्ट में पेश किया।
दिल्ली के मुबारकपुर स्थित शेरसिंह बाजार कोटला से योगेश पिता ओमप्रकाश साहू अपनी गर्भवती पत्नी नेहा कुमारी और परिवार के चार सदस्य आशादेवी, अंकिता, अंजली और आरव के साथ बाबा महाकालेश्वर के दर्शन करने उज्जैन पहुंचे थे। सुबह मंदिर जाते समय भारत माता मंदिर के पास से गुजरते समय उसे फूल प्रसाद बेचने वाले ने रोक लिया और प्रसाद की टोकरी लेने के लिये कहा। उसने श्रद्धालु परिवार से सामान भी सुरक्षित उसकी दुकान पर रखने की बात कहीं। योगेश साहू ने सौ रूपये देकर एक टोकरी फूल-प्रसाद की ली और जाने लगे। तभी दुकान पर काम करने वाले दूसरे युवक ने कहा कि आपके साथ 6 लोग है, आपको फूल-प्रसाद की 350 रूपये वाली 2 टोकरी लेना होगी। योगेश ने ज्यादा कीमत और 2 टोकरी लेने से मना कर दिया। जिस पर दुकानदार और उसके साथी ने गाली-गलौच शुरू कर दी, दुकान पर रखे सूटकेश भी रास्ते में पटक दिये। योगेश ने विरोध किया तो दोनों ने मारपीट शुरू कर दी। गर्भवती पत्नी बीच-बचाव में आई तो धक्का दे दिया। विवाद बढ़ता देख लोगों ने बीच-बचाव किया। साहू परिवार मामले की शिकायत लेकर महाकाल थाने पहुंचा। थाना प्रभारी गगन बादल ने श्रद्धालु परिवार के साथ हुई मारपीट का मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश में टीम रवाना की। कुछ देर बाद दुकानदार सोनू बंजारा और उसके नाबालिग साथी को हिरासत में ले लिया गया। दोपहर में मारपीट के मुख्य आरोपी सोनू बंजारा को उसकी दुकान के सामने जुलूस निकाला। एएसआई शंकरलाल कनौजिया ने बताया कि सभी दुकानदारों को हिदायत दी गई कि श्रद्धालुओं के साथ अमानवीय व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। सोनू बंजारा आगर नाके का रहने वाला है। जिसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया है। बताया जा रहा था कि योगेश साहू दिल्ली गृह मंत्रालय में आकाउंटेंट है और उनकी पत्नी साईंटिस्ट है। परिवार पहली बार महाकाल दर्शन करने उज्जैन आया था।

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