उज्जैन। स्वाईन फ्लू एन -1 एच -1 के पिछले 20 दिनों में तीन मरीज सामने आने की स्थिति में जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी में है। सीएमएचओ डा.अशोक कुमार पटेल का कहना है कि स्वाईन फ्लू बेकरार है तो हम भी लडने को तैयार हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि हमारी तैयारी पूरी है। अव्वल तो हम इसे फैलने से पहले ही रोकने के लिए कारगर कदम संक्रमित मरीजों के क्षेत्र में उठा रहे हैं।शनिवार को दो स्वाईन फ्लू ग्रसित मरीजों के सामने आने के साथ ही पिछले 20 दिनों में जिले में 3 मरीजों की अब तक पुष्टि हो चुकी है। इनमें दो पुरूष एवं एक महिला शामिल है। महिला की बीते 18 अगस्त को मौत हो चुकी है जबकि उसकी स्क्रीनिंग में कांटेक्ट हिस्ट्री एवं ट्रेवलिंग हिस्ट्री सामने नहीं आई है जिससे की पता लग सके महिला स्वाईन फ्लू से कैसे ग्रसित हुई। शेष दो मरीजों की स्क्रीनिंग जारी है और उनकी कांटेक्ट एवं ट्रेवलिंग हिस्ट्री निकाली जा रही है।10 बेड का आइसोलेशन वार्ड-बकौल सीएमएचओ डा.पटेल जिला अस्पताल के चरक भवन में चौथी मंजिल पर स्वाईन फ्लू के मरीजों के लिए आईसोलेशन वार्ड तैयार है। इसमें प्रभावित मरीजों के पर्याप्त इलाज की व्यवस्था है। यहां प्रशिक्षित दो चिकित्सक एवं वरिष्ठ चिकित्सक की देखरेख में 4 नर्सेां को मरीज के उपचार के लिए तैनात किया गया है। पर्याप्त मात्रा में इलाज के लिए दवाईयों का स्टाक भी उपलब्ध है। शनिवार को खाचरौद के मडावदा निवासी 66 वर्षीय बुजूर्ग को निजी अस्पताल से छुट्टी देने के बाद उसे चरक के आईसोलेशन वार्ड में ही उपचार दिया जा रहा है। एक अन्य महालक्ष्मी नगर निवासी मरीज की निजी अस्पताल से छुट्टी हो चुकी है और वे घर में आराम कर रहे हैं। अगले दिनों में भी इन मरीजों पर बराबर निगरानी रखी जा रही है। संक्रमण की स्थिति को देखते हुए उन्हें ताकीद किया गया है कि अगले दिनों में वे किसी के संपर्क में न आए। घर में ही अकेले में रहकर आराम करें।स्क्रीनिंग का काम तेज-शनिवार को दो मरीजों की अहमदाबाद से मिली रिपोर्ट के बाद से स्वास्थ्य विभाग का अमला अलर्ट हो चुका है। खाचरौद के मडावदा गांव में रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने एवं वहां स्क्रीनिंग का काम किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। इसके तहत मरीज के घर के आसपास के क्षेत्र में दवाई छिडकाव के साथ ही आसपास के रहवासियों के स्वास्थ्य की जांच की गई है। करीब तीन दर्जन से अधिक लोगों को जांच के दायरे में लिया गया है। मरीज के परिजनों से उसके मिलने वालों एवं उसके बाहर जाने और संपर्क की जानकारी ली गई है। महालक्ष्मी नगर निवासी 48 वर्षीय मरीज के घर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने और स्क्रीनिंग के लिए जानकारी लेने के साथ ही उसके आसपास के निवासियों की भी जांच की गई है। मरीज से उसकी कांटेक्ट हिस्ट्री एवं ट्रेवलिंग हिस्ट्री के बारे में जानकारी ली गई है।चरक में सर्दी-जुकाम,बुखार के मरीज बढे-चरक अस्पताल में सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है जिसमें सबसे अधिक बच्चे शामिल हैं। चरक अस्पताल में बने 74 बेड का वार्ड बच्चों से भरा दिखाई दे रहा है।वृद्धा को सुअरों से होना सामने आया-इस माह के प्रारंभ में जिले में स्वाईन फ्लू के इस वर्ष के पहले मरीज के रूप में ऋषिनगर निवासी वृद्धा की पहचान हुई थी। महिला को पहले उज्जैन के निजी अस्पताल में और उसके बाद इंदौर के अस्पताल में उपचार दिया गया था। महिला के वापस घर लौटकर आने के बाद उसकी 18 अगस्त को मौत हो गई थी। डा.पटेल के अनुसार महिला को शुगर थी और कोमार्डिटी के कारण ऐसा हुआ । महिला के घर के पास ही नाले में सुअरों के बैठने की स्थिति सामने आई थी जिसके चलते आशंका है कि उसे सुअरों से स्वाईन फ्लू हुआ ।