देर से पेश किया चालान, ताकि आरोपी को मिले जमानत, टीआई पर एक्शन लें -कोर्ट

इंदौर।एफआईआर दर्ज करने के बाद चालान व गवाही के मामलों में पुलिस कितनी लापरवाह है, इसके दो मामले सामने आए हैं। ड्रग्स तस्करी के एक मामले में पलासिया थाना प्रभारी ने बिना किसी वजह के देरी से चालान पेश किया। इससे आरोपी को जमानत मिल गई।

दूसरा मामला राऊ थाने का है। लूट की साजिश करने वालों को पकड़ने के लिए थाना प्रभारी सहित 20 लोगों की टीम गई थी। कोर्ट में गवाही हुई तो टीआई सहित छह पुलिसकर्मी नहीं ता सके कि आरोपी को किसने पकड़ा था। इसका फायदा भी आरोपी को मिला कोर्ट ने अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश हैं।60 दिन में चालान पेश न करना कानून का उल्लंघन- एनडीपीएस कोर्ट ने कहा कि निर्धारित 60 दिन की अवधि में आरोपपत्र पेश न करना कानून का सीधा उल्लंघन है। आरोपी शुभम बौरासी के पास से करीब 8.13 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई थी और उसे 6 दिसंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में रखा गया था, लेकिन चालान 10 फरवरी 2026 को देरी से पेश किया गया।एक-दूसरे को देखते रहे पुलिसकर्मी राऊ पुलिस को 30 मई 2016 को सूचना मिली कुछ आरोपी डकैती की योजना बना रहे हैं। तत्कालीन टीआई विजय सिंह सिसौदिया ने 20 लोगों की टीम दबिश के लिए भेजी। छह लोगों को गिरफ्तार किया। पांच को जमानत मिल गई, उसके बाद से वह फरार हैं। एक आरोपी बबलू के खिलाफ चालान पेश किया। कार्रवाई करने वाली टीम में 7 पुुलिसकर्मियों को गवाह बनाया गया। अधिवक्ता   ने पुलिसकर्मियों का प्रतिपरीक्षण किया तो एक भी पुलिसकर्मी नहीं बता सका कि आरोपियों को किसने पकड़ा।

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