वाशिंगटन डीसी।इजराइल पर गाजा में ‘वैक्यूम बम’ इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। रिपोर्ट ‘द रेस्ट ऑफ द स्टोरी’ के मुताबिक, ये बम पहले हवा में ईंधन जैसा एक बादल फैलाते हैं और फिर उसमें आग लगा देते हैं। इससे बहुत बड़ा आग का गोला बनता है और आसपास की हवा खिंचकर एक तरह का जीरो (वैक्यूम) पैदा हो जाता है।इन धमाकों से तापमान 3,500 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इन बमों में एल्यूमिनियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व होते हैं, जो कुछ ही सेकेंड में शरीर को जला देते हैं।मिलिट्री एक्सपर्ट्स और चश्मदीदों का भी कहना है कि इजराइल ने वहां ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया, जिन्हें ‘वैक्यूम बम’, ‘थर्मल’ या ‘थर्मोबैरिक’ बम कहा जाता है।रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों में मारे गए कई लोगों के शव तक नहीं मिले। गाजा की सिविल डिफेंस टीम ने 2,842 ऐसे फिलिस्तीनियों का रिकॉर्ड दर्ज किया है, जिनके बारे में कहा गया कि दफनाने के लिए उनका कोई हिस्सा तक नहीं बचा। वहीं 3,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।
इजराइल ने गाजा में वैक्यूम बम गिराए थे: तापमान 3,500 डिग्री पहुंचा, हजारों भाप बनकर गायब