इंदौर में 15वीं मौत, HC में सरकार बोली– 4 मरे:राहुल ने कहा– हत्या के लिए डबल इंजन जिम्मेदार

, इंदौर।भागीरथपुरा में पेयजल में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े। गुरुवार को मंत्री विजयर्गीय के सामने प्रभावित परिजन ने चेक लेने से मना कर दिया।इंदौर में गंदे पानी से मौत के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट शुक्रवार को हाईकोर्ट में पेश कर दी, इसमें पानी से सिर्फ 4 मौत होने की बात कही है।सरकार की रिपोर्ट तब आई, जब मृतकों के परिजन और अस्पतालों के जरिए 15 मौतों की जानकारी सामने आ चुकी है। सभी को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। कुछ को बुखार भी था। इनमें 5 महीने के मासूम बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।गुरुवार को महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में भी पानी में सीवेज मिलने की पुष्टि हो चुकी है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी और सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी खुद पाइपलाइन लीकेज व पानी में सीवेज मिला होने की बात कह चुके हैं। मंत्री विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र के भागीरथपुरा के 16 बच्चों समेत 201 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं।हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 6 जनवरी तय की है। वहीं, इंटर विनर (हस्तक्षेप कर्ता) गोविंद सिंह बैस की ओर से मीडिया में रिपोर्ट पब्लिश करने पर रोक लगाने की मांग की गई। इस पर कोर्ट ने कोई टिप्पणी नहीं की।

इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए दो सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है।अब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विरोध इंदौर के साथ ही भोपाल, जबलपुर, रतलाम और नर्मदापुरम में भी हो रहा है। वहीं, पूर्व सीएम उमा भारती ने इसे सीएम मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी बताया। इस पाप का प्रायश्चित करना होगा।वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि साफ पानी अहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है।

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