ग्राम झलारिया में हादसा, बाहर निकालने के लिये रेस्क्यू ऑपरेशन, बोरवेल में गिरा 3 साल का मासूम, खुदाई में चट्टान बनी परेशानी

उज्जैन। ग्राम झलारिया में गुरूवार शाम बड़ा हादसा हो गया।  3 साल का मासूम खुले बोरवेल में गिर गया। घटनाक्रम सामने आते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। मासूम को बाहर निकालने के लिये रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है। आधी रात पास खुदाई के चलते जमीन में चट्टान आने से परेशानी बढ़ गई, आज सुबह मासूम के जीवित होने की संभावना भी लगभग समाप्त हो चुकी थी।
बड़नगर तहसील के ग्राम झलारिया से देर शाम 7.30 से 8 बजे के लगभग खबर आई कि खेलते समय पलदूना मार्ग पर खेत में खुले बोरवेल के अंदर एक बच्चा गिर गया है। तत्काल बड़नगर एसडीओपी महेन्द्रसिंह सिकरवार और थाना प्रभारी अशोक पाटीदार टीम के साथ मौके पर पहुंचे गये। मामले से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, एसडीआरएफ/होमगार्ड कमांडेंट संतोष कुमार जाट मौके पर पहुंच गये। मासूम बच्चे को बचाने के लिये रेस्क्यू आॅपरेशन की शुरूआत की गई। मासूम करीब 60 से 70 फीट की गहराई में फंसा हुआ था। रेस्क्यू टीम द्वारा बोरवेल में कैमरा उतारा गया और आॅक्सीजन देने की शुरूआत की गई। मासूम बच्चा मूवमेंट करते दिखाई दे रहा था। आसपास खुदाई का काम शुरू किया गया। सभी जरूरी संसाधन जेसीबी, पोकलेन मशीनों को बुला लिया गया था। मौके पर अंधेरा होने पर लाईट की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन, होमगार्ड, एसडीआरएफ  रेस्क्यू टीम के साथ ग्रामीण भी मदद में लगे थे। पूरी रात खुदाई का काम चला रहा लेकिन खुदाई के दौरान जमीन में बड़े पत्थर चट्टान नुमा होने की वजह से खुदाई के काम में परेशानी आने लगी जिसके चलते तड़के खुदाई का काम रोक दिया गया। मासूम बच्चे को बाहर निकालने के लिए पैरेलल खुदाई का काम शुरू किया गया वहीं अन्य संसाधनों की मदद से बोरवेल के मुहाने से ही बच्चों को बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए हैं। बच्चों के हाथ में कड़ी डालकर ऊपर लाने की कोशिश की जा रही है।
राजस्थान पाली का रहने वाला है मासूम
थाना प्रभारी अशोक पाटीदार ने बताया कि मासूम बच्चा भागीरथ पिता प्रवीण देवासी 3 साल राजस्थान के पाली स्थित गुड़ानला का रहने वाला है। पूरा परिवार भेड़-बकरियां चराने के लिये आया हुआ है। हादसा अय्युब खान के खेत में हुआ है। बच्चे को बोरवेल में गिरता मां ने देखा था उसने दौड़कर बचाने का प्रयास किया लेकिन बच्चा गहराई में चला गया था। उससे शोर मचाया और ग्रामीणों को जानकारी दी। खबर लगते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी।
ऐसे होना सामने आया हादसा
बताया जा रहा है कि मासूम बच्चा और परिवार भेड़े लेकर गुजर रहा था। बोरवेल पर ढक्कन लगा हुआ था जिस पर पत्थर भी रखा था। भेड़ों का झुंड जैसे ही वहां से गुजरा पत्थर गिर और ढक्कन खुल गया। भेड़ों के झुंड के साथ पीछे बच्चा आ रहा था। उसका पैर बोरवेल के खुले मुंह पर रखा गया और संतुलन बिगड़ने से अंदर जा गिरा।
जीवित होने की संभावना समाप्त

मासूम को बचाने के लिए शुरू किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान रात 10 बजे तक उसका मूवमेंट कैमरो में दिखाई दे रहा था, वही सामने आया कि बोरवेल में पानी भी भरा हुआ है, आधी रात बात मासूम के जीवित होने की संभावना भी खत्म हो गई थी, कैमरे में मासूम का मूवमेंट दिखाई नहीं दे रहा था।
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