महिदपुर रोड। सरस्वती शिशु मंदिर बपैया में कक्षा अष्टमी के छात्र-छात्राओं का ‘दीक्षांत समारोह’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम सरदार सिंह डोडिया , भंवर सिंह आंजना, विशेष अतिथि परे सिंह पंवार अतिथि के रूप में उपस्थित रहे मुख्य वक्ता मुकेश रावल तथा संकुल प्रमुख श्री राजेंद्र सिंह जी राजावत ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरूआत मेंजया, ममता, भावना, हर्षिता और प्रतिभा ने सुमधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके पश्चात विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य सुरेश सोलंकी ने नवागत अतिथियों का परिचय कराया। हिंदू परंपरा का निर्वहन करते हुए आचार्य दीपक बैरागी एवं श्री दिलीप सिंह ने अतिथियों का कुमकुम-अक्षत और श्रीफल से स्वागत किया। बहिन परिधि, राधिका, पायल, तनवी और रितिका ने मनमोहक स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। मुख्य वक्ता मुकेश रावल ने अपने ओजस्वी संबोधन में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और चरित्र निर्माण पर जोर दिया। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई नीति के अनुसार अब कक्षा 9वीं से ही विद्यार्थियों को अपनी रुचि और कौशल के आधार पर सही विषयों का चुनाव करने की स्वतंत्रता मिलेगी। उन्होंने समझाया कि भविष्य की सफलताओं के लिए यह पड़ाव अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ विद्यार्थी पारंपरिक सीमाओं से हटकर बहु-विषयक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा आठवीं के स्कूली बच्चों का दीक्षांत समारोह आयोजित