नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जीएलपी-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री और विज्ञापन पर सख्ती बढ़ा दी है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने इन दवाओं की निगरानी तेज कर दी है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने व कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। सरकार के अनुसार, ये दवाएं चिकित्सीय परामर्श वाली दवा (प्रिस्क्रिप्शन मेडिसिन) हैं, जिनका उपयोग टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे के लिए होता है। इनके गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, इसलिए इन्हें केवल विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए। आॅनलाइन प्लेटफॉर्म्स और क्लीनिकों पर इनकी बढ़ती आॅन-डिमांड उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।
वजन घटाने वाली दवाओं की बिक्री पर सरकार सख्त, बिना प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बिकेंगी