लोगों को अधिकारियों की बातों पर नहीं आ रहा इकरार पेट्रोल पंपों पर कतार दुसरे दिन भी बरकरार -शहर के साथ ही अंचल के पेट्रोल पंपों पर भी लगी लंबी कतारें

उज्जैन। मंगलवार देर शाम से वाहनों के “ टैंक फुल ” की होड़ बुधवार को भी पेट्रोल पंपों के खुलने के साथ देखी गई। अधिकारियों की बातों पर लोगों को इकरार नहीं आ रहा है। पेट्रोल पंपों पर ऐसे भीड उमड रही है जैसे फ्री में पेट्रोल-डीजल मिल रहा हो। अफवाहों ने ऐसा तड़का लगाया कि शहरों से यह आग रातों-रात अंचल के पंपों तक पहुंच गई और वहां भी वाहनों का हुजूम खडा हो गया है।मंगलवार देर शाम से पेट्रोल और डीजल की किल्लत की अफवाह ने बगैर आधार के ही ऐसा दावानल रूप लिया कि देखते ही देखते पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस को उद्धोषणा करना पडी की यह अफवाह है उसके बाद भी लोगों को उस पर विश्वास नहीं आया । कलेक्टर सहित जिला आपूर्ति नियंत्रक और तमाम अधिकारियों ने लोगों के सामने पेट्रोल –डीजल की भरपूर उपलब्धता का पक्ष रखा उसके बाद भी भीड है कि कम होने का नाम ही नही ले रही है।एक ही मिशन पेट्रोल पंप की और-मंगलवार देर शाम से अफवाहों ने जोर पकडा तो उसके बाद जिधर देखो उधर से वाहन चालक पेट्रोल पंपों की और मिशन पर निकल पडा। पेट्रोल-डीजल को लेकर ऐसा माहौल बना कि हर कोई बस एक ही मिशन पर निकल पड़ा “पहले टैंक फुल, बाकी सब बाद में”। इस बीच शहरी क्षेत्र के कुछ पेट्रोल पंपों के बंद होने का समय हो गया और इनमें से एक दो पर पेट्रोल स्टाक खत्म होने की खबर ने जोर पकडा तो दुसरे दिन बुधवार को भी सुबह से लंबी लाईनें पंपों पर यथावत बनी रही है। बाइक, कार, ट्रैक्टर सभी लाइन में लग गये। हालत ये रहे कि पेट्रोल पंप कम और पार्किंग स्थल के रूप में ज्यादा दिखाई दे रहे थे।लाखों के वाहन लगे लाईन में-इस दौरान बुधवार को कई पंपों पर लाईन में महंगे वाहन भी खडे दिखाई दिए। 40 से 50 लाख की कारें भी लाईन में लगी देखी गई तो 3-5 लाख की बाईक भी लाईन में लगकर पेट्रोल लेते देखी गई है।शहरी क्षेत्र में सडकों पर जामपेट्रोल –डीजल के पैनिक की वजह से शहरी क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर जमकर वाहनों की कतारें लगी हुई हैं। ऐसे में आसपास की सडकों पर जाम जैसे हालात बन गए हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों को पर्याप्त आवागमन में सडक नहीं मिल पा रही है। कतारें इतनी लंबी कि सड़क पर जाम जैसे हालात दुसरे दिन भी दिन भर बने रहे हैं।गांव तक फैला “पेट्रोल पैनिक”-“पेट्रोल पैनिक” का असर दुसरे दिन शहरों से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच गया। जिन क्षेत्रों में पेट्रोल पंप थे वहां आसपास के ग्रामीण इलाको से लोग दौड पडे और जहां पंप नहीं थे वे हाईवे एवं पास के शहरी क्षेत्रों की और दौड पडे लाईन लंबी होने से 1-2 घंटे पेट्रोल लेने में बर्बाद किया और फिर वापस गांव की और लौट गए।  पेट्रोल के लिए लंबी-लंबी कतारें अभी भी जारी हैं।भरपूर स्टाक उपलब्ध-इधर पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता को लेकर दुसरे दिन भी जिला आपूर्ति नियंत्रक शालू वर्मा ने भरपूर स्टाक उपलब्धता का दावा करते हुए कहा कि स्टाक के साथ सप्लाई भी नियमित है। उन्होंने कहा कि पंपों पर उपलब्धता के अनुसार समानुपातिक रूप से उपभोक्ताओं को पेट्रोल डीजल दिया जा रहा है। उन्होंने उपयोगकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि आवश्यकता अनुसार फ्यूल का उपयोग करें। ना कोई कमी है, ना कोई संकट”है। डिपों में भी दो माह से अधिक का पेट्रोल डीजल उपलब्ध है।बॉटल या केन में ईंधन, तो कार्रवाई-एसपी शर्माउज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा है कि अगर कोई भी पेट्रोल पंप संचालक किसी भी व्यक्ति को बॉटल या केन में पेट्रोल या डीजल देगा तो सम्बंधित व्यक्ति के विरुद्ध और पेट्रोल पंप संचालक के विरुद्ध दोनों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उज्जैन में सभी जगह रही चेकिंग की जा रही है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल को लेकर कहा कि जिला आपूर्ति अधिकारी के अनुसार जिले में पर्याप्त उपलब्धता है ऐसे में पैनिक न फैलाएं।कोई कमी नही, सब कुछ सामान्य है- कलेक्टर सिंह कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रोशनकुमार सिंह ने कहा है कि उज्जैन में पेट्रोल ,डीजल की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है निर्वाध आपूर्ति जारी है और आगे भी कहीं भी कोई कमी नहीं होगी सभी पेट्रोलियम कंपनियों के द्वारा सप्लाई निरंतर दी जा रही है पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध है ।

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