उज्जैन । कनाडा में उच्च अध्ययन के लिए गए उज्जैन के छात्र गुरकीरत मनोचा की वहां हत्या के मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान उनके निवास पहुंचकर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. मनोचा के परिजनों से चर्चा कर कनाडा में हुई असामयिक दु:खद मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान परिजनों ने मुख्यमंत्री से अंतिम संस्कार को लेकर अपनी मांग रखी है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को हर संभव मदद के लिए निर्देश दिए हैं।मनोचा निवास पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के होनहार छात्र की मृत्यु से उनका हृदय व्यथित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिजनों को स्व. गुरकीरत के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में पूर्ण रूप से सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा श्री महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
कनाडा में ही अंतिम संस्कार का पक्ष रखा-स्व.छात्र के पिता गुरजीत एवं परिजनों ने अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री को एक पत्र दिया जिसमें उन्होंने छात्र का विस्तृत विवरण रखते हुए कहा कि वर्तमान में कनाडा में क्राइम इन्वेस्टिगेशन (Crime Investigation) की प्रक्रिया जारी है तथा जब तक जांच पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक मेरे पुत्र का पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा जाना संभव नहीं बताया गया है। इस प्रक्रिया में लगभग तीन सप्ताह का समय लगना संभावित है। इस दु:खद स्थिति में मेरा परिवार यह निर्णय लेने को विवश हुआ है कि हमारे परिवार के दो सदस्य कनाडा जाकर आवश्यक फ्यूनरल प्रक्रिया पूर्ण कर अस्थि संचय (अस्थि कलश) भारत लाएं। इस हेतु हमें शासन की सहायता की अत्यंत आवश्यकता है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 40,000 से 50,000 डॉलर तक का व्यय संभावित है, जो हमारे लिए वहन करना अत्यंत कठिन है। इस प्रकरण में भारत सरकार एवं कनाडा सरकार के समन्वय से विशेष सहायता प्रदान कराई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय एवं सहयोग मिल सके।ये सहायता मांगी-उन्होंने पत्र में परिवार के दो सदस्यों प्रभकीरत मनोचा (बड़े भाई) एवं साहेब सिंह (कजिन ब्रदर) को कनाडा भेजने हेतु उनकी वीजा प्रक्रिया शासन स्तर से त्वरित कराई जाए।दोनों व्यक्तियों के आवागमन (आना-जाना) एवं रहने-ठहरने की समुचित व्यवस्था शासन स्तर पर सुनिश्चित करवाने।कनाडा में फ्यूनरल प्रक्रिया पूर्ण कराने एवं अस्थि संचय (अस्थि कलश) भारत लाने की संपूर्ण व्यवस्था शासन के सहयोग से कराई जाए।