उज्जैन। सिंथेटिक्स ड्रग्स बनाने के लिये ब्रोनोपोल एवं 2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपियोफिनोन जैसे घातक रसायन महाराष्ट्र-गुजरात से मंगवाये गये थे। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 3 युवकों को हिरासत में लिया था। शनिवार दोपहर एक को न्यायालय में पेश कर पांच दिनों की रिमांड पर लिया गया है। 2 को रविवार दोपहर पेश किया जायेगा।
चिमनगंज थाना पुलिस ने क्राइम और सायबर टीम के साथ मिलकर आगररोड स्थित कृष्णा मोटर्स गैरेज से सिंथेटिक्स ड्रग्स बनाने का 75 किलो घातक रसायन ब्रोनोपोल और 2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपियोफिनोन बरामद किया था। मामले से जुड़े 3 आरोपितों अर्पित उर्फ सौरभ गुप्ता निवासी तिरुपतिधाम एक्सेंशन, रंजीत पिता करन सिंह निवासी गरोठ जिला मंदसौर और ओमप्रकाश पिता घनश्याम शर्मा निवासी बड़ौद जिला आगर मालवा को गिरफ्तार किया था। घातक रसायन के साथ पुलिस को 8.50 लाख रूपये नगद, एक बोलेनो कार और खरीद-फरोख्त के दस्तावेज मिले थे। थाना प्रभारी गजेन्द्र पचौरिया ने बताया कि शनिवार को अर्पित गुप्ता को न्यायालय में पेश कर 5 दिनों की रिमांड पर लिया गया है। उसके 2 साथियों को रविवार दोपहर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जायेगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उक्त रसायन गुजरात-महाराष्ट्र से मंगवाया गया था। रसायन को 5 हजार रूपये प्रति किलो के हिसाब से मंगवाते थे और झालावाड़ में 30 से 50 हजार रूपये किलो में बेचते थे। जहां सिंथेटिक्स एमडीएमए ड्रग्स बनाने में रसायन का उपयोग किया जाता था। थाना प्रभारी के अनुसार मामले में आरोपितों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आ सकती है।
23 दिन पहले ही लगाता था प्रतिबंध
थाना प्रभारी पचौरिया ने बताया कि उक्त रसायन का उपयोग गलत कामों में होने पर 23 दिन पहले 11 मार्च को प्रतिबंध लगा दिया गया था। पहले ब्रोनोपोल एवं 2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपियोफिनोन का कास्मेटिक्स सामान, रंगाई-पुताई, औद्योगिक प्रणालियों में किया जाता था। यह रसायन सफेद और हल्के पीले रंग का क्रिस्टलीय पाउडर है। यह फार्मास्युटिकल उद्योग में एक महत्वपूर्ण मध्यवर्ती है। इस का उपयोग दर्द निवारक दवाओं में भी किया जाता था। लेकिन गलत कामों में उपयोग होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
मामला सिंथेटिक्स एमडीएमए ड्रग्स बनाने का झालावाड़ में 10 गुना ज्यादा कीमत पर बेचते थे ब्रोनोपोल