उज्जैन। जीवाजीगंज थाना पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले काल सेंटर का भंडाफोड करते हुए मुख्य संचालक सहित 4 आरोपी को गिरफ्तार किया है। इंदौर में चल रहे फर्जी “ALICE BLUE” ऑफिस पर दबिश, संगठित गिरोह का पर्दाफाश का दावा किया गया है।इनसे लाखों का माल जब्त किया गया है।जीवाजीगंज थाना प्रभारी विवेक कनोडिया के अनुसार आवेदक सूरज राठौर निवासी राधामोहन की गली, अंकपात मार्ग, उज्जैन ने 25मार्च को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसे शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर कुल ₹70,000/- की धोखाधड़ी की गई है। शिकायत साइबर पोर्टल पर पंजीबद्ध होने के उपरांत थाना जीवाजीगंज पुलिस को प्राप्त हुई थी। मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल तकनीकी एवं मैनुअल जांच प्रारंभ की गई, जिसमें मोबाइल नंबर, बैंक खातों, UPI ट्रांजेक्शन एवं डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण किया गया। प्राथमिक जांच में शिकायत सत्य पाए जाने पर अपराध क्र. 76/2026 धारा 319(2), 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता एवं 66-D आईटी एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
“Mahindra Trading” एप के डेवलपर एवं तकनीकी सहयोगियों की पहचान की जा रही है। फर्जी बैंक खातों के स्रोत एवं अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है ।गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक-
जांच के दौरान प्राप्त मोबाइल नंबरों एवं बैंक खातों के विश्लेषण से संदेही सौरभ यादव निवासी इंदौर की पहचान की गई। उक्त संदेही को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसके द्वारा फर्जी शेयर ट्रेडिंग नेटवर्क के संचालन की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।सौरभ यादव से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना विजयनगर, जिला इंदौर अंतर्गत ऑर्बिट मॉल के पीछे PU-4 क्षेत्र स्थित प्लॉट नंबर 230 की एक मल्टी के तृतीय तल पर *“ALICE BLUE”* ब्रोकरेज फर्म के नाम से संचालित फर्जी कार्यालय की जानकारी प्राप्त हुई। इस पर 2 अप्रेल को पुलिस टीम ने दबिश देकर मुख्य संचालक – अरुण लोधी पिता इमृतलाल लोधी 27 वर्ष के साथ उसके सहयोगी नीरज आदिवासी पिता मुंशी आदिवासी 33 वर्ष निवासी 304 स्मार्ट लिविंग पेरीडॉट दोनों निवासी देवास नाका जिला इंदौर, स्थायी पता ग्राम मामोनीखुर्द तहसील करेरा जिला शिवपुरी,राहुल पाटीदार पिता राधेश्याम पाटीदार 31 वर्ष निवासी मकान नंबर 263 सेक्टर E स्लाइस-4 स्कीम नंबर 78 जिला इंदौर (रवि शर्मा का किराये का मकान), स्थायी पता ग्राम कालूखेड़ा तहसील सारंगपुर जिला राजगढ़ के अतिरिक्त नेटवर्क समन्वयक (पूर्व से हिरासत में) – सौरभ यादव पिता विजय यादव 25 वर्ष निवासी 685 न्यू गौरी नगर मिलन होटल के पास थाना हीरानगर जिला इंदौर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपराध करना स्वीकार किया गया।
बेनामी सिम एवं डेबिट कार्ड जब्त-
दबिश के दौरान कार्यालय से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक एवं आपत्तिजनक सामग्री जप्त की गई, जिसमें
06 बेनामी सिम कार्ड, 03 बेनामी डेबिट कार्ड (स्टेट बैंक एवं जना बैंक),15 CPU (कंप्यूटर यूनिट),19 मॉनिटर,मोबाइल फोन, राउटर, कीबोर्ड, माउस,विभिन्न व्यक्तियों के डाटा (डिमेट/मोबाइल/बैंक विवरण),रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इनका उपयोग संगठित साइबर ठगी में किया जा रहा था।
नकली ग्राफ एवं प्राफिट दिखाकर लेते थे झांसे में-
इस फर्जी कंपनी में लगभग 10-12 कर्मचारी कार्यरत थे । कर्मचारियों को स्क्रिप्ट आधारित कॉलिंग कर निवेशकों को फंसाने का प्रशिक्षण दिया जाता था । विभिन्न स्रोतों से डिमेट अकाउंट धारकों एवं निवेशकों का डाटा खरीदा जाता था । “Mahindra Trading” नामक फर्जी एप का उपयोग कर निवेशकों को नकली ग्राफ एवं प्रॉफिट दिखाया जाता था ।आरोपियों द्वारा यह भी बताया गया कि उन्हें फर्जी सिम कार्ड एवं बैंक खातों के डेबिट कार्ड उपलब्ध कराने वाला मिंटू उर्फ मयूर परिहार निवासी न्यू गौरी नगर जिला इंदौर, स्थायी पता कुमेदान मोहल्ला जिला टीकमगढ़ है, जो वर्तमान में फरार है। उसकी गिरफ्तारी हेतु टीम रवाना की गई है।