प्रदेशके हर किसान परिवार पर ₹74,420 का कर्ज:आंध्र का किसान ₹2.45 लाख का कर्जदार, नागालैंड के किसान पर मात्र ₹1750 का लोन

भोपाल।देश के अन्नदाता की आर्थिक स्थिति पर संसद में पेश की गई ताजा रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के किसानों की मिली-जुली तस्वीर सामने आई है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश के प्रति कृषक परिवार पर औसत बकाया ऋण ₹74,420 है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत (₹74,121) के लगभग बराबर है, लेकिन दक्षिण भारत और पड़ोसी राज्य राजस्थान के मुकाबले यहां के किसान कम कर्जदार हैं।

टीएमसी सांसद कालिपद सरेन खेरवाल के सवाल के जवाब में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह जानकारी दी।एमपी की स्थिति: राष्ट्रीय औसत के करीब, राजस्थान से बेहतर-आंकड़ों का विश्लेषण करें तो मध्य प्रदेश में किसानों की स्थिति कर्ज के मामले में कई राज्यों से बेहतर है। जहां पड़ोसी राज्य राजस्थान में प्रति किसान परिवार कर्ज का बोझ ₹1,13,865 है, वहीं मध्य प्रदेश में यह ₹74,420 पर टिका है। हालांकि, छोटे राज्यों जैसे छत्तीसगढ़ (₹21,443) की तुलना में एमपी के किसानों पर कर्ज का दबाव अधिक है।आंकड़ों  के मुताबिक, भारत में प्रति कृषक परिवार पर औसत बकाया ऋण ₹74,121 है। चौंकाने वाली बात यह है कि दक्षिण भारतीय राज्यों के किसान कर्ज के मामले में उत्तर भारत के मुकाबले कहीं आगे हैं ।केसीसी (KCC) का कर्ज ₹10 लाख करोड़ के पार-कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में बताया कि 30 सितंबर 2025 की स्थिति के अनुसार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत बकाया धनराशि ₹10.39 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि 1 फरवरी 2026 तक का एकदम सटीक डेटा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि पिछला बड़ा सर्वेक्षण (NSS 77वां दौरा) साल 2019 में ही किया गया था।

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