घर से भागकर प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचा बालक मिला

ब्रह्मास्त्र इंदौर

खजराना क्षेत्र से प्रेमानंद महाराज से मिलने घर से निकले 15 वर्षीय नाबालिग को पुलिस ने लोकेशन जांच के बाद उत्तराखंड से बरामद कर परिजन को सौंप दिया है। टीआई मनोज सेंधव के अनुसार, चार दिन पहले पिता ने सूचना दी थी कि उनका बेटा कहीं चला गया है। आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। परिवार को उसका लिखा लेटर मिला था कि वह वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के वचनों से प्रभावित होकर अपने असली परिवार के पास जा रहा है। पिता ने बताया, लापता बेटे को वे पहले कभी अपने साथ मथुरा ले गए थे। वह धार्मिक प्रवृत्ति का है, रोज दो घंटे पूजा-पाठ करता है।

बच्चे का फोन आया तो लोकेशन मिली- पिता ने पुलिस को बताया कि बच्चे का फोन आया है। उसने आधार कार्ड मांगा है। पुलिस ने तुरंत लोकेशन निकाली तो पता चला कि वह उत्तराखंड के गुप्त काशी में काली मठ मंदिर क्षेत्र में घूम रहा है। टीम ने वहां की पुलिस से संपर्क किया तो बच्चा मिल गया। लोगों ने बताया, बच्चे ने कहा कि उसे मंदिर का अनुयायी बनना है तो पुजारियों ने कहा, वे किसी को भी अनुयायी नहीं बना सकते। उसे पहचान पत्र देना होगा। इसके बाद बच्चे ने अपने पिता से फोन लगाकर आधार कार्ड मांगा था।

अनुयायी बनने के लिए पिता से आधार कार्ड मांगा- टीआई ने बताया, टीम ने सोशल मीडिया और वायरलेस सेट से उसकी जानकारी का व्यापक प्रचार किया। सैकड़ों फुटेज खंगाले, विभिन्न राज्यों के थानों को सूचना भेजी। जांच के दौरान सूचना मिली कि बालक वृंदावन में देखा गया है। इसके बाद एक टीम वहां रवाना की। वृंदावन पहुंचने पर पता चला कि बालक वहां आया था, लेकिन प्रेमानंद महाराज से मिल नहीं पाया, इसलिए गुप्त काशी निकल गया।

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