गेहूं खरीदी, पराली जलाने पर रोक हटाने और ऋण की ड्यू डेट बढ़ाने की मांग

सारंगपुर। सारंगपुर में सोमवार को भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने अपनी विभिन्ना समस्याओं को लेकर रैली निकाली और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और किसान हित में नारेबाजी भी की। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम रोहित बम्हौरे को ज्ञापन सौंपकर गेहूं खरीदी शीघ्र शुरू करने, ऋण की ड्यू डेट बढाने और पराली जलाने पर हो रही एफआईआर रोकने और जलाने से प्रतिबंध हटाने की मांग की है। वर्तमान में ज्ञापन सौंपने के बाद किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे।
ज्ञापन देते हुए भारतीय किसान संघ तहसील अध्यक्ष देवनारायण नागर ने बताया कि गेहूं खरीदी की तारीखें बार-बार बढाने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अतिरिक्त, सरकारी बैंकों द्वारा ऋण की ड्यू डेट नहीं बढाने के कारण किसानों पर ब्याज और जुमार्ने का बोझ बढ गया है। इस स्थिति के चलते जिले के कई किसान डिफाल्टर हो गए हैं।
नागर ने खेतों में पराली जलाने पर दर्ज की जा रही एफआईआर और प्रशासन की अन्य कार्रवाई को अनुचित बताया है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि है कि जब तक सरकार पराली प्रबंधन के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं करती, तब तक किसानों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए और पराली के जलाने पर लगी रोक को हटाया जाए।
ब्यावरा।
राजगढ़ जिले के ब्यावरा ब्लॉक एवं शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा किसानों के गेहूं खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने एवं मुख्यमंत्री कन्या विवाह सम्मेलन के आवेदनों को पुन: शुरू करने हेतु राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन ब्यावरा अनुविभागीय अधिकारी को सौपते हुए बताया कि किसान गेहूं की फसल निकालकर सरकार की खरीदी का इंतजार कर रहा है। किसानों के पास जीविका चलाने के लिए आय का कोई अन्य स्रोत नहीं होने के कारण किसान काफी परेशान है। समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी नहीं होने से उत्पन्न कई समस्याओं को लेकर परेशान किसान सरकार के खिलाफ आक्रोशित नजर आ रहा। सरकार द्वारा गेहूं खरीदी के अंतिम तिथि बार-बार बढ़ाए जाने से किसान निराश हैं पूर्व विधायक रामचंद्र दांगी ने आरोप लगाया है कि सरकार की अव्यवस्थित नीतियों के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। गेहूं खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता की कमी है बार-बार तारीख बढ़ने से किसानों को मंडी में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा जिससे उसकी लागत और परेशानी दोनों बढ़ रही अधिकतर किसानों के वैवाहिक कार्यक्रम होने से बच्चों के विवाह खर्च कैसे उठाएंगा। कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि गेहूं खरीदी स्पष्ट और स्थाई समय सीमा तय की जाए ताकि किसानों को अनिश्चित का सामना न करना पड़े और मुख्यमंत्री कन्या विवाह सम्मेलन योजना के लाभार्थियों के लिए बीपीएल राशन कार्ड की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।

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