क्षैत्र में खेतों में गिरी गेहूं व धनिया की फसल, किसानों की बढ़ी चिंता

तनोडिया। चार दिन की तेज गर्मी के बाद बुधवार रात से मौसम बदल गया। किसानों की परेशानी बढ गई। गेहूं और चने की फसल लगभग पककर तैयार है। कुछ दिनों में कटाई शुरू होनी थी। मसुर और राई की फसल कुछ किसानों की कट चुकी है। तो कुछ किसानों की खेतो और खलिहान में पडी है। फरवरी के तीसरे सप्ताह में मौसम ने एक बार फिर करवट ली। बुधवार रात पहले हल्की बूंदाबांदी हुई, देर-रात तेज हवा के साथ हुई, गुरुवार को सुबह हल्की बारिश हुई, दिनभर वातावरण ठंडा रहा। शुक्रवार को सुबह फिर बारिश शुरू हुई,जो दिनभर बूंदाबांदी और दोपहर बाद तेज बारिश हुई। जिससे क्षैत्र के कई गांवों में गेहूं और धनिया की खड़ी फसलों को प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण खेतों में फसल आड़ी पड़ गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों से मिली जानकारी के अनुसार तनोडिया सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में गेहूं की बालियां झुक गई हैं। धनिया की फसल भी कई स्थानों पर जमीन से लेट गई है। इस समय गेहूं दाना भराव की स्थिति में है, जबकि धनिया पकाव की ओर बढ़ रही है। ऐसे में फसल के गिरने से दानों की गुणवत्ता और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
किसान भगवानसिंह पाटीदार,सलीम मुल्तानी, श्याम पाटीदार का कहना है कि यदि आगामी दिनों में धूप अच्छी निकली तो कुछ हद तक नुकसान की भरपाई हो सकती है, लेकिन लगातार नमी बनी रही तो रोग बढ़ने और दाना काला पड़ने का खतरा रहेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक गिरी हुई फसल में कीट व फफूंद रोग लगने की संभावना अधिक रहती है, जिससे उपज घट सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों ने बताया कि फसल कटाई की तैयारी शुरू ही होने वाली थी, ऐसे में मौसम के इस बदलाव ने चिंता बढ़ा दी है। कृषि विभाग की टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का आंकलन किए जाने की बात कही जा रही है। फिलहाल किसान आसमान साफ होने और तेज धूप निकलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि फसल दोबारा संभल सके और संभावित नुकसान कम हो सके। शनिवार को भी ऐसा मौसम रहने की संभावना है।

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