इंदौर में चाय-पोहे की दुकानें बंद होने के कगार पर

होटल-रेस्टोरेंट के 12 हजार से ज्यादा छोटे-बड़े खानपान कारोबारी प्रभावित, शादी सीजन पर संकट

ब्रह्मास्त्र इंदौर

अगर आपके पास एक सिलेंडर है तो उसे डबल कराएं और वेटिंग की असुविधा से बचें।”
प्लांट से माल की कमी होने से 10 दिन की वेटिंग चल रही है। 8 दिन पुरानी बुकिंग होने पर ही सिलेंडर दिया जाएगा। इंस्टेंट बुकिंग पर सिलेंडर नहीं दिया जाएगा।”

यह बातें एमपी के अधिकांश गैंस एजेंसी के बाहर एजेंसी संचालकों ने पोस्टर लगाकर चस्पा कर रखी है।
ईरान-इजराइल के बीच चल रहे तनाव का असर अब शहर की रसोई और खान-पान कारोबार पर दिखने लगा है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसका सीधा असर इंदौर में रोजाना सप्लाई होने वाले 3000 से 3200 कमर्शियल सिलेंडरों पर पड़ेगा। इससे करीब 8 हजार से ज्यादा होटल, रेस्टारेंट, केटरर्स और छोटे कारोबारियों की बुकिंग प्रभावित होगी। इंदौर के खानपान कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्दी सप्लाई शुरू नहीं हुई तो चाय-पोहे की छोटी दुकानों से लेकर रेस्टारेंट तक एक-दो दिन में बंद होने लगेंगे। दूसरी ओर मार्च में शादियों का सीजन शुरू होने से मैरिज गार्डन और होटलों में करीब 1000 से 1200 शादियां तय हैं, जिन पर भी इसका असर पड़ सकता है। तेल कंपनियों के फैसले के बाद मंगलवार शाम केटरर्स और रेस्टारेंट संचालक प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारियों से मिलने पहुंचे। कनेक्टर शिवम वर्मा और केटरर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी उमेश जैन, अजय जैन और नितिन खटोड़ ने बताया कि अचानक सप्लाई रोकने से पूरा खान-पान कारोबार संकट में आ गया है। कारोबारियों का कहना है कि हालात को देखते हुए वे मेन्यू में आइटम कम करने, एक ही किचन में खाना बनाकर अलग-अलग जगह भेजने जैसे विकल्प अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने बताया कि फिलहाल जरूरी संस्थानों और सेवाओं के लिए कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश मिले हैं और आपूर्ति व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है।

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