नोरा के खिलाफ यूपी में फतवा, शाही मुफ्ती बोले- ‘सरके चुनर’ गाना अश्लील; एक्ट्रेस को दर्दनाक दंड मिलेगा

कन्नड़ फिल्म केडी: द डेविल के विवादित गाने सरके चुनर तेरी सरके को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। गाने पर डांस करने वाली एक्ट्रेस नोरा फतेही के खिलाफ यूपी के अलीगढ़ से फतवा जारी हुआ है। मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने गाने और दृश्यों को अश्लील बताया है। उन्होंने कहा- समाज में बेहयाई फैलाना न केवल अनैतिक है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी दंडनीय है। नोरा फतेही ने मुस्लिम होने के बावजूद ऐसे अश्लील गाने में हिस्सा लिया। उन्होंने गुनाह-ए-कबीरा यानी बड़ा पाप किया है। उन्हें दर्दनाक दंड मिलेगा। इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक्ट्रेस नोरा फतेही और एक्टर संजय दत्त को नोटिस भेजा है। साथ ही गाने के गीतकार रकीब आलम, वेंकट के. नारायण (प्रोड्यूसर, केवीएन ग्रुप) और किरण कुमार (डायरेक्टर) समेत अन्य संबंधित लोगों को भी नोटिस जारी किया गया है।

सभी को 24 मार्च को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। आयोग ने चेतावनी दी है कि तय तारीख पर उपस्थित न होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। आयोग ने इस गाने के कथित अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर खुद संज्ञान लिया है। आयोग के मुताबिक, गाने के बोल पहली नजर में आपत्तिजनक और यौन संकेतों वाले लगते हैं, जो कानून का उल्लंघन कर सकते हैं। वहीं, गाने को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शिकायत मिलने पर सेंसर बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। बता दें कि गाने को मंगलवार को यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।

अब बात फतवे की- मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता से सवाल पूछा गया था, आजकल फिल्म दी डेविल के एक गाने में आपत्तिजनक व अश्लील दृश्य होने की खबरें सामने आई हैं, जिस पर आम जनता में विरोध हो रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी नोटिस जारी किया है। लोग यह जानना चाहते हैं कि इस तरह के गानों, डांस और अश्लील कंटेंट के बारे में इस्लाम का क्या हुक्म है?
जवाब दिया- कुरान में ऐसे लोगों के लिए दर्दनाक अजाब- शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने कहा, इस्लाम एक पाक दीन है, जो हया (लज्जा), इफ्फत (पवित्रता) और अच्छे अखलाक की तालीम देता है। अश्लील गाने, नृत्य और आपत्तिजनक दृश्यों में भाग लेना या उन्हें बढ़ावा देना इस्लाम में हराम और गुनाह-ए-कबीरा (बड़ा पाप) है।

मुफ्ती ने कुरान शरीफ की सूरह नूर (24:19) का जिक्र करते हुए कहा, जो लोग समाज में बेहयाई फैलाते हैं, उनके लिए दुनिया और आखिरत में दर्दनाक अजाब (कठोर दंड) की चेतावनी दी गई है। इसलिए समाज में अश्लीलता परोसने से बचना चाहिए।
मुफ्ती ने कहा, नोरा फतेही एक मुस्लिम पृष्ठभूमि से आती हैं, ऐसे में उनका इस तरह के कंटेंट का हिस्सा बनना इस्लामी शिक्षाओं के पूरी तरह खिलाफ है।
वूमेंस डे के संदेश का अपमान
?मौलाना इफराहीम हुसैन ने कहा, एक तरफ देश ने अभी महिला दिवस मनाया, जहां महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और हया (मयार्दा) की बात की गई। वहीं दूसरी ओर ऐसी फिल्में समाज के सामने परोसी जा रही हैं। अगर यही स्थिति रही, तो आने वाली नस्लें और नौजवानों की सामाजिक मयार्दा ही खत्म हो जाएगा।

 

Share:

संबंधित समाचार

Leave a Comment