उज्जैन । 919.14 करोड की प्रशासकीय स्वीकृति की कान्ह डायवर्सन योजना का काम 71 प्रतिशत हो चुका है। मई 2027 तक इस कार्य को पूर्ण करने के निर्देश मेलाअधिकारी सह संभागायुक्त आशीष सिंह ने गुरूवार को दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने इसी तरह जिला चिकित्सालय के सामने बन रहे मेडिकल कॉलेज का कार्य भी 68 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। मेडिकल कॉलेज की एकेडमिक बिल्डिंग, हॉस्पिटल और हॉस्टल आदि का कार्य जून माह तक पूर्ण करने के लिए कहा है।गुरूवार को सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण तथा जल संसाधन विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में कान्ह डायवर्सन तथा सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी डेम निर्माण और घाट निर्माण कार्य की समीक्षा भी की गई। बैठक में बताया गया कि कान्ह डायवर्सन का 71 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। संभागायुक्त ने अतिरिक्त मशीनें लगाकर इस कार्य को 30 मई तक पूर्ण करने के लिए कहा है।
कान्ह के दुषित जल को रोकना-कान्ह डायवर्सन परियोजना का मुख्य उद्देश्य कान्ह नदी के दूषित जल को शहर में शिप्रा नदी के प्रमुख घाटों एवं तीर्थ स्थलों में मिलने से रोकना है, जिससे शिप्रा नदी का जल पवित्र एवं स्वच्छ बना रहे। परियोजना के अंतर्गत ग्राम जमालपुरा, तहसील उज्जैन में कान्ह नदी पर एक बैराज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे दूषित जल को क्लोज डक्ट के माध्यम से 30.15 किमी की दूरी तय कर गम्भीर बांध के डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जाएगा।
ये है कान्ह परियोजना-परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति राशि ₹ 919.94 करोड़ रुपए है। इसकी कुल लंबाई 30.15 किमी (कट एंड कवर डक्ट: 18.15 किमी + टनल: 12.00 किमी) है। टनल भाग में 4 शाफ्टों का निर्माण पहुंच एवं सफाई-रखरखाव के लिए जाना है। डक्ट का डी-आकार का क्रॉस सेक्शन, अधिकतम 40 क्यूमेक्स दूषित जल की निकासी क्षमता का है। परियोजना को आगामी 25 वर्ष तक की जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। निर्माण पूर्ण होने के पश्चात आगामी 15 वर्ष तक संचालन एवं संधारण का प्रावधान है।919 करोड़ की लागत से कान्ह-क्लोज डक्ट डायवर्सन परियोजना पर कार्य किया जा रहा है ताकि शिप्रा नदी में दूषित जल न मिल सकें।
यूडीए को गति बढाने के निर्देश-उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे सिंहस्थ के प्रमुख कार्यों में चौराहों का विकास, मंगलनाथ मंदिर का विकास, कालभैरव मंदिर का विकास, अंगारेश्वर-सिद्धवट का विकास, अंकपात से खाक चौक तक का चौड़ीकरण, शक्करवासा से छोटी रपट पंचक्रोशी मार्ग, कालिदास अकादमी में डोम शेड का निर्माण तथा शनि मंदिर से जीवनखेड़ी तक की सड़क का निर्माण आदि शामिल हैं। संभागायुक्त ने इन सभी कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए है। बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि जिन सड़कों पर इलेक्ट्रिकल शिफ्टिंग और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्य होना है, वहाँ पर सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक शटडाउन लिया जा सकता है, लेकिन शटडाउन से पूर्व संबंधित उपभोक्ताओं को इसकी सूचना अनिवार्य रूप से दी जाए।