गेहूं का पैसा आने पर बिल भरने की शर्त पर बनी सहमति, लाइट आते ही धरने में छाई खुशी

शाजापुर। मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी और लगातार बिजली कटौती से आक्रोशित शाजापुर जिले के खड़ी डोडिया और आसपास के ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। बिजली विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की हठधर्मिता के खिलाफ ग्रामीणों ने महाआंदोलन का शंखनाद करते हुए शुक्रवार शाम खड़ी ग्रिड पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के भारी आक्रोश और उग्र आंदोलन की चेतावनी के आगे अंतत: प्रशासन और बिजली कंपनी को झुकना पड़ा। देर रात दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने और बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद ही यह धरना समाप्त हुआ। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार (27 मार्च 2026) शाम 6 बजे से खड़ी ग्रिड पर पूर्व सरपंच अजीत सिंह खड़ी डोडिया के नेतृत्व में मोचेर्बंदी की गई। इस धरने में सर्वसमाज सहित खड़ी ग्रिड से जुड़े सभी गांवों के सैकड़ों लोग शामिल हुए। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण बिल वसूली के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को मनमाने तरीके से रोकना अन्याय है। इसी तानाशाही के खिलाफ जनमानस का गुस्सा फूट पड़ा है।
जनप्रतिनिधियों के खिलाफ फूटा गुस्सा, लगे तीखे नारे
आंदोलन के दौरान ग्रामीणों का सबसे ज्यादा आक्रोश सत्ताधारी पार्टी के विधायक और सांसद के खिलाफ देखने को मिला। ग्रामीणों ने कमल का फूल, हमारी भूल… क्षेत्र के विधायक-सांसद होश में आओ और हर जोर जुर्म की टक्कर में, संघर्ष हमारा नारा है, जैसे तीखे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी थी कि उनका गांव कमजोर नहीं है, यदि शांतिपूर्ण धरने के बाद भी लाइट चालू नहीं की गई, तो अगले दिन से उग्र आंदोलन किया जाएगा और किसी भी तरह की हानि की जिम्मेदारी सीधे तौर पर विभागीय अधिकारियों की होगी।
ग्रामीणों के इस रौद्र रूप और भारी भीड़ को देखते हुए बिजली कंपनी के अधिकारी बैकफुट पर आ गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने आखिरकार लाइट चालू करने की बात मानी और ग्रामीणों से बकाया बिल वसूली में मदद की गुहार लगाई। इस पर धरने पर बैठे किसानों और ग्रामीणों ने व्यावहारिक समाधान निकालते हुए प्रशासन को आश्वस्त किया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय का भुगतान प्राप्त होते ही वे बिजली का बिल जमा कर देंगे। इस आपसी सहमति के तुरंत बाद ग्रिड से बिजली चालू कर दी गई। अंधेरे में बैठे ग्रामीणों के बीच लाइट आते ही हर्षोल्लास छा गया और आंदोलन की सफलता पर खुशी मनाई गई। धरना समाप्ति पर पूर्व सरपंच अजीत सिंह खड़ी डोडिया ने इस हक-अधिकार की लड़ाई में शामिल होने और ग्राम हित में योगदान देने के लिए सभी ग्रामवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। 5

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