उज्जैन। गुजरात के साबरमती जेल में कडी सुरक्षा में बंद गैंगेस्टर लारेंस विश्नोई के गुर्गे उज्जैन के नागदा तहसील के पास ग्राम रत्नाखेडी निवासी राजपालसिंह ने गुरूवार को पूर्वान्ह नागदा थाना पुलिस के समक्ष आत्मसर्मपण किया है। उससे पूर्व राजपाल ने मिडिया को अपना बयान भी दर्ज करवाया। उसने खूद ही पुलिस को फोन कर घर पर होने और कसरावद के व्यापारी को धमकी के मामले में उसकी तलाश होने की जानकारी दी। देर शाम खरगौन पुलिस नागदा पहुंची थी। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार हमने राजपाल को उनके सिपुर्दगी में दे दिया है। वे रवाना हो चुके हैं। नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी के अनुसार राजपालसिंह पिता ईश्वरसिंह 31वष्र निवासी रत्नाखेडी पूर्व में भी गैंगेस्टर लारेंस के साथी के रूप में चिन्हित है। गुरूवार को सूचना पर ही इसे इसके घर से हिरासत में लिया गया। इसका कहना था कि खरगौन की कसरावद थाना क्षेत्र में व्यापारी को 10 करोड के ट्रेरर टैक्स की धमकी के मामले में पुलिस को इसकी तलाश है। सूचना के अनुसार इसे घर पर उस समय हिरासत में लिया गया जब ये मिडिया के लोगों से चर्चा कर रहा था। श्री गवरी के अनुसार वर्ष 2022 में सिद्घु मूसेवाला की हत्या के मामले में इसे पंजाब पुलिस की एटीएस ने हिरासत में लिया था। इसके साथ नागदा के ही बिरलाग्राम निवासी योगेश पिता कैलाशचंद्र भाटी को भी हिरासत में लिया गया था। राजपाल पर कुल 5 मामले दर्ज हैं जिनमें से अजाजजा एक्ट के तहत 1 मामला ही नागदा का है शेष 4 मामलों में 2 मामले हत्या एवं 2 अन्य हैं जो कि नांदेड, मोहाली,एवं दिल्ली से संबंधित हैं।दो माह में आधा दर्जन ट्रेरर टेक्स की धमकी-पिछले दो माह में प्रदेश के आधा दर्जन जिलों में गैंगेस्टर लारेंस विश्नोई के गुर्गे हेरी बाक्सर के नाम से धमकी देकर टेरर टेक्स की मांग हुई है। इन मामलों में पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरण (01) जिला अशोकनगर थाना कोतवाली का अपराध क्रमांक 101/2026, धारा 308(1), 308(2), 351(2) बी.एन.एस., (02) जिला इंदौर (देहात) थाना किशनगंज का अपराध क्रमांक 112/2026, धारा 308(5), 351 (4) बी.एन.एस., (03) इंदौर (शहर) थाना तुकोगंज का अपराध क्रमांक 155/2026, धारा 308 (5), 351 (4) बी.एन.एस., (04) जिला खरगोन थाना कसरावद का अपराध क्रमांक 94/2026, धारा 308(4), 351(3) बी.एन.एस., (05) भोपाल (शहर) थाना कोलार रोड का अपराध क्रमांक 183/2026, धारा 351 (4) बी.एन.एस. एवं (06) इंदौर (शहर) थाना क्राइम ब्रांच का अपराध क्रमांक 22/2026, धारा 308 (5), 351 (4) बी.एन.एस. में दर्ज किया गया है।डीजीपी की एसआईटी का दबाव-इन सभी मामलों को लेकर डीजीपी कैलाश मकवाना ने हाल ही में एक आदेश जारी कर सभी अपराध अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह से सम्बंधित होने के कारण इनकी जांच के लिए विशेष दल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एस.टी.एफ.), म.प्र. के पर्यवेक्षण में एक विशेष अनुसंधान दल (Special Investigation Team) का गठन किया है। जिलों के साथ एसटीएफ टीम का बराबर दबाव बना हुआ था जिसके चलते राजपाल सिंह ने सरेंडर किया है।सरेंडर से मिडिया के साथ विडियो बनाकर वायरल-नागदा पुलिस के समक्ष सरेंडर से पहले राजपालसिंह ने उसके घर पर विडियों बनाया और मिडिया के कुछ लोगों को बुलवाया था। इस दौरान उसने कसरावद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने की घोषणा की है। उसका कहना है कि पुलिस द्वारा उसके परिवार को परेशान किए जाने के कारण वह यह कदम उठा रहा है। वीडियो में उसने व्यापारी दिलीप राठौर और कसरावद पुलिस के बारे में अपनी बात रखते हुए कहा कि “कसरावद पुलिस बार-बार मेरे परिवार को प्रताड़ित कर रही थी, इस चक्कर में मुझे अपने आप को सरेंडर करना पड़ा। मैं लॉरेंस बिश्नोई गैंग से आता हूँ । इनके साथ मेंरे और भी केस चल रहे हैं। यह जो मामला है, यह कसरावद थाने का है। एक दिलीप राठौर करके उद्योगपति है, जो कि किसानों के ऊपर बहुत अत्याचार करता है और कहीं ना कहीं खबर हमें यह भी मिली थी कि वह 17-18 साल की लड़कियों के साथ भी गलत करता है अपने पैसों के बलबूते पर।तो यह सारी चीज़ को देखते हुए जो हमारी गैंग जो काम करती है कि किसी के भी साथ गलत ना हो और उसी हिसाब से देखते हुए इसके ऊपर हमारी गैंग की तरफ से यह कार्रवाई की गई थी। बाकी इसमें एक बार, दो बार वह कार्रवाई हुई है। एक बार जो मैंने करवाया था, उसमें तो हुआ नहीं ,वहां मेरे लड़के फेल हो गए थे, वह कर नहीं पाए थे कोई काम।उसके बाद फिर हरी बॉक्सर भाई, हमारे बड़े भाई, लॉरेंस भाई, हमारे बड़े भाई… हरी बॉक्सर भाई ने यह काम करवाया था और फिर वह उनके थ्रू हुआ था। तो आप सरेंडर अपने मध्य प्रदेश पुलिस को करना चाहेंगे या फिर वहां।हम नागदा पुलिस को करेंगे, नागदा प्रशासन को करेंगे। प्रशासन का हमेशा हमारे साथ रहा है, हमेशा हमारी मदद की है। तो अपनी प्रशासन की मदद करते हैं, कहीं ना कहीं देखा जाए तो हमने जितनी भी एजेंसियों… लगभग-लगभग मेरी सारी एजेंसियों में पूछताछ हुई है—दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, अदर बहुत सी एजेंसियों में पूछताछ हुई है। एनआईए में भी मेरी पूछताछ हुई है।तो हमने कहीं ना कहीं प्रशासन की मदद ही की है। तो आगे भी चलकर प्रशासन की मदद ही करेंगे। जितना होगा प्रशासन हमारा सहयोग करेगा, प्रशासन का हम उतना सहयोग करेंगे। बाकी चलते ऐसे ही प्रशासन और हमारी गैंग का तो मिलके चलता रहता है, कोई दिक्कत वाली बात नहीं है।साथी मेरा एक भाई योगेश भाटी है, वह ऑलरेडी… पुलिस ने उसको उठा रखा है, कल से उसको शो करा नहीं है। वह कहाँ है, यह पता नहीं अभी तक। पुलिस के पास ही है वह। शायद कसरावद पुलिस ने उसको उठा रखा है और हमारा एक साथी है। पुलिस से। वह साला गद्दार निकल गया। कहीं ना कहीं पुलिस से मिला हुआ था। उसके थ्रू यह सारी गैंग की चीजें लीक हो गई और कहीं ना कहीं पुलिस पकड़ने में सक्षम रही।नहीं, फिलहाल मैं कर रहा हूँ। मेरे परिवार को मेरी वाइफ को, माता-पिता, मेरे भाई को प्रताड़ित कर रहे थे, उस चक्कर में मुझे अपने आप को सरेंडर करना पड़ रहा है। क्योंकि कहीं ना कहीं देखा जाए तो गैंग का मामला और गैंग के मामले में परिवार को हम आगे नहीं ला सकते।उद्देश्य हमारा कुछ नहीं है। जो गलत करेगा उसके साथ गलत होगा। जो कहीं पीड़ित मिलेगा, कहीं ना कहीं प्रताड़ित मिलेगा, उसके लिए हम खड़े मिलेंगे। बाकी कोई लक्ष्य नहीं है हमारा। बाकी जो लॉरेंस भाई है हमारे, हरी बॉक्सर भाई हैं, वह अपने हिसाब से करते हैं।नहीं, जैसे मेरे परिवार को जैसे मेरे मिलने वाले परिवार को उठाना, बार-बार परिवार को थाने ले जाना, थाने बिठाना कहीं ना कहीं यह तो कानून में है ही नहीं कि आप किसी महिला को थाने में बिठा सकते हो। हमारे घर की महिलाओं को थाने बिठाया गया था।तो वह कहीं ना कहीं फिर मैं एक राजपूत परिवार से आता हूँ, हमारे परिवार में और हमारे कुल में ऐसा है नहीं कि महिला थाने तक जाए। हम थाने और महिलाओं को थाने और कोर्ट में अपने आप को श्मशान मानते हैं और शमशान में महिला औरतों को भेजते नहीं।”