उज्जैन। आंध्रप्रदेश से धार्मिक यात्रा पर आई मां-बेटी सोमवार सुबह क्षिप्रा नदी रविदास घाट पर नहान करने पहुंची थी। नहान के दौरान लक्ष्मीकुमारी 45 साल अचानक गहरे पानी में चली गई। उसे डूबता देख बेटी बचाने के लिये नदी में कूदी तो उसे भी गहराई का अंदेशा नहीं होने पर डूबने लगी। लोगों ने दोनों को डूबता देख शोर मचाया तो घाट पर पेट्रोलिंग कर रहे होमगार्ड जवान सुनील सिंह तुरंत पहुंचा और दोनों मां-बेटी को रस्सी की मदद से सुरक्षित बाहर निकालकर ले आया। रविवार को भी रामघाट पर इंदौर के पाटनीपुरा से दो दोस्तों के साथ आये योगेश पिता जनक गोलिया 19 को गहराई में जाने पर डूबता देख एसडीआरएफ के जवानों ने बचाकर बाहर निकाला था। होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम द्वारा प्रतिदिन क्षिप्रा नदी के घाटों पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया जा रहा है। जिला कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने बताया कि वर्तमान में वर्षाकाल की शुरूआत होने पर क्षिप्रा के जलस्तर को दृष्टिगत रखते हुए घाटों पर डीजी और डिवीजन रिजर्व के 20 अतिरिक्त जवानों की तैनाती ओर बढ़ा दी गई है। पूर्व में 3 शिफ्ट में होमगार्ड और एसडीआरएफ के जवान लगातार अपनी सेवा क्षिप्रा के घाटों पर दे रहे है।
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