उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, वरिष्ठ लेखक एवं समाजसेवी सुरेश सोनी ने शुक्रवार को नव-निर्मित उज्जैन साइंस सेंटर का लोकार्पण, महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एवं इस विषय पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। । कार्यक्रम में विद्यार्थी विज्ञान मंथन की वेबसाइट, ब्रोशर एवं पुस्तिका का विमोचन किया। आगामी सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में 725 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।उन्होंने सैटेलाइट मेकिंग वर्कशॉप में छात्रों से चर्चा कर उत्साहवर्धन किया।अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन: महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम अंतर्गत आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शनी में विज्ञान पर आधारित मॉडलों का अवलोकन किया, प्राचीन भारतीय कालगणना की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में मेडिकल ड्रोन, एयर टैक्सी ड्रोन, एग्री ड्रोन आदि का प्रदर्शन भी हुआ।
चिंतक एवं लेखक सुरेश सोनी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में काल (समय) की अवधारणा अत्यंत गहन और वैज्ञानिक है। भारतीय कालगणना खगोलीय पिंडों की गति, ऋतु चक्र और प्रकृति के नियमों से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भविष्य की समग्र प्रगति के लिए विज्ञान एवं तकनीक, कला, अध्यात्म, सामाजिकता और सामाजिक अर्थशास्त्र के बीच संतुलित समन्वय आवश्यक है। उज्जैन में स्थापित कालयंत्र इस प्राचीन वैज्ञानिक परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने युवाओं से भारतीय वैज्ञानिक विरासत को समझने, प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने और विज्ञान को मानवीय मूल्यों से जोड़ने का आह्वान किया।