कई दिनों तक की थी रैकी, 5 दिन बाद पकड़ाये बदमाश एयर गन दिखाकर लूटा था 52 हजार से भरा बैग

उज्जैन। फाइनेंस एजेंट के साथ हुई लूट की वारदात में शामिल तीन बदमाशों के साथ साजिश करता पुलिस की हिरासत में आ गया है। लूट की वारदात से पहले कई माह तक रैकी की गई थी। कैमरो के फुटेज देख पुलिस बदनावर तक पहुंची थी।
4 फरवरी की सुबह 11 बजे खाचरोद थाना क्षेत्र के ग्राम लसुडिया खेमा और बाछाखेड़ी मार्ग पर निजी फाइनेंस कंपनी के एजेंट राहुल मेवाड़ा को बाइक सवार तीन बदमाशों ने रास्ता पूछने के बहाने रोका था और पिस्टल जैसा हथियार दिखाकर मारपीट करते हुए बैग छीन लिया था। जिसमें 52 हजार रुपये नगद और लैपटॉप रखा हुआ था। लूट की वारदात के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। थाना प्रभारी धनसिंह नलवाया ने बदमाशों का सुराग तलाशने के लिए एसआई, अमित डामर,  सुधीर शर्मा, प्रधान आरक्षक सोमसिंह, यशपाल सिंह सिसोदिया, आरक्षक कृष्णा बैरागी योगेन्द्र चौहान, जितेन्द्र सिंह सेंगर, सुरेश डांगी, मुकेश गोयल, संजय सिंह राणावत, चालक गुलाब सिंह डामोर की टीम गठित की ओर सीसीटीवी कैमरो के फुटेज देखने के साथ बदमाशों के भागने का रूट ट्रेस किया। बदमाश बाइक से भागते दिखाई दिए थे और बदनावर की ओर गए थे। इसी आधार पर पांच दिनों की तलाश के बाद सोमवार को पुलिस ने लूट में शामिल तीन बदमाश मोईन पिता इमरान 19 साल निवासी अर्जुन कालोनी माण्डु नाका हाल मुकाम ग्राम सामर थाना सादलपुर जिला धार, साहिल पिता शहजाद 19 साल सादलपुर और अतुल पिला सुर्यामणी याद‌व 22 साल निवासी धानुवाद तालाब नाला सुपारा ईस्ट पाल घर मुंबई  हाल मुकाम निवासी ग्राम सामर थाना सादलपुर जिला धार को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को न्यायालय में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में तीनों ने अपने चौथा साथी अरमान पिता रोशन खान 21 साल निवासी ग्राम खामरिया थाना खाचरोद को सोमवार रात हिरासत में लिया। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया गया। चारों बदमाशों की निशानदेही पर लूट में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल, धमकाने के लिए उपयोग की गई एयर गन, लैपटॉप और 25 हजार रुपए नगद बरामद किए हैं। लूट के बाद 52 हजार की राशि चारों ने आपस में बांट ली थी, जिसमें से 27 हजार रुपए उन्होंने मौज मस्ती में खर्च कर दिए। जिसकी बारामदगी के प्रयास किया जा रहे हैं।
अरमान के चाचा ने लिया था लोन
पुलिस खुलासे में सामने आया कि लूट की साजिश अरमान ने रची थी, उसके चाचा ने फाइनेंस कंपनी से लोन लिया था, प्रति मंगलवार कंपनी का एजेंट गांव में राशि का कलेक्शन करने आता था, अरमान को पूरी जानकारी थी कि गांव से कितना कलेक्शन होता है, जिसके चलते उसने अपने रिश्तेदारों और दोस्त के साथ मिलकर पहले कई दिनों तक रैकी और वारदात वाले दिन पूरी नजर रखकर अपने साथियों को बुलाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। अरमान खुद वारदात में शामिल नहीं हुआ था उसने अपने साथियों को एजेंट के आने-जाने का रास्ता बताया था।
चारों का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला
खाचरोद थाना पुलिस के अनुसार लूट में शामिल चारों बदमाशों का आपराधिक रिकॉर्ड होना सामने नहीं आया है, वारदात में शामिल अतुल दूध से बना मावा बेचने का काम करता है, वही मोईन, अरमान और साहिल खेतों में मजदूरी करते हैं। वारदात को सूने स्थान पर अंजाम दिया गया था, लेकिन भागते समय उनके चेहरे सीसीटीवी कैमरो में कैद हो गए थे, पुलिस ने उनका सुराग तलाशने के लिए करीब 100 से अधिक स्थानों पर लगे कैमरे देखे थे।
Share:

संबंधित समाचार

Leave a Comment