हाईकोर्ट में किसानों से केस हारा उज्‍जैन हाउसिंग बोर्ड

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गृह निर्माण मंडल द्वारा इंदौर रोड पर शिवांगी परिसर में बनाई जाने वाली हाइराजिंग बिल्डिंग का काम अटका, लोगों की पूंजी फंसी

इंदौर /उज्जैन। किसानों की जमीन पर हाउसिंग बोर्ड ने बगैर जांच पड़ताल किए हाईराइज बिल्डिंग तानने का फैसला कर लिया। इसमें पहले से ही रुपए देने वाले कई लोगों की पूंजी अटक गई है।
हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना मंडल (हाउसिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर बोर्ड) किसानों से केस हार गया है। इससे इंदौर रोड पर स्वीकृत ‘शिवांगी परिसर आवासीय योजना’ के तहत सात एलआईजी और 22 ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान पाने को निवेश किए लोगों की पूंजी फंस गई है। प्रकरण में बोर्ड अब सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पीटिशन लगाने की तैयारी कर रहा है।
गौरतलब है कि नानाखेड़ा बस स्टैंड से लगभग 500 मीटर दूर इंदौर रोड पर गोयलाखुर्द वाली 3.58 हेक्टेयर जमीन पर 138 बंगले और 96 फ्लैट वाली आठ मंजिला तीन हाईराइज बिल्डिंग बनाने को नौ महीने पहले हाउसिंग बोर्ड ने भूमि पूजन कराया था।
इसके पहले मामला कई वर्षों तक जमीन पर कब्जा प्राप्त करने, फिर कब्जा फिर रेरा पंजीयन और 132 मकानों के नक्शे की स्वीकृति में अटका रहा था। ये बखेड़ा मिटा तो मामला निविदा स्वीकृति, फिर 96 फ्लैट की योजना का अनुमोदन टीएनसीपी का साफ्टवेयर अपडेट न होने से अटक गया।
बमुश्किल भूमि पूजन कर काम शुरू ही कराया था कि भूमि का कम मुआवजा मिलने को लेकर प्रभावित 22 लोगों ने फिर कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इससे निर्माण पर रोक लग गई। 3 जून को कोर्ट ने फैसला भूमि प्रभावित 22 किसानों के पक्ष में दिया। इससे आवासीय योजना पर संकट छा गया है।
याद रहे कि 7 एलआईजी और 22 ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए मकान पाने को 29 हितग्राहियों का चयन लाटरी के माध्यम से भूमि पूजन से पहले हुआ था। ये बंगले की 10 प्रतिशत राशि बुकिंग अमाउंट स्वरूप जमा भी करा चुके हैं। 109 एमआइजी श्रेणी के प्रस्तावित फ्लैट खरीदने के लिए अभी निविदा आमंत्रित नहीं की गई है।
निर्माण की जिम्मेदारी गृह निर्माण मंडल ने भोपाल की संजना कंस्ट्रक्शन कंपनी को दे रखी है। तय हुआ था कि प्रथम चरण में 138 बंगले बनाने का काम दो वर्ष में पूर्ण कराया जाएगा। अब पूरा मामला उलझ गया है।

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