जिला पंचायत सीईओ ने ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई टीम

 

कलेक्टर के निर्देशन पर जिले में जल संवर्धन को लेकर होगा बड़ा कार्य

अतिक्रमण मुक्त कर शहर और गांव के जल स्त्रोत बनेंगे शक्तिशाली

इंदौर। नमामि गंगे योजना के तहत जिले में जल स्रोतों के संरक्षण व गहरीकरण को लेकर कार्य शुरू हो गया है। जिले के 92 तालाबों का जनभागीदारी से और जो तालाबों का फोर्स मोटर्स के माध्यम से गहरीकरण किया जा रहा है। वहीं 32 बावड़ी का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा।

सरकार द्वारा नमामि गंगे योजना के तहत जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 15 जून तक चलेगा। इस दौरान शहर की 53 बावडी, 27 तालाब और कई कुओं की आवक चैनल की सफाई की जाएगी। साथ ही कान्ह और सरस्वती नदी और पर्यावरण संरक्षण के लिए काम किया जाएगा। अभियान के तहत शहर के तालाब, बावडी, कुओं की सफाई की जाएगी और पानी की आवक चैनलों की सफाई की जाएगी।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि हमें जल स्रोत संरक्षण अभियान के तहत इस प्रकार से काम करना है कि आने वाले समय में उक्त जल स्रोत से आस-पास के क्षेत्र के साथ ही पानी के टैंकर भी भरे जा सकें।

जल स्रोतों के संरक्षण के साथ साथ इंदौर में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। जलपद स्तर पर जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर बनाई गई कार्य योजना की जानकारी देते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालिका अधिकारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि जिले की चार जनपद के अंतर्गत जल हठ कार्य के 56 और जनभागीदारी से 36 तालाब का चयन किया गया है। उक्त 92 तालाब में से 66 में कार्य शुरू कर दिया गया है इनमें से मिट्टी निकालकर तालाब को गहरा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कपल, समल्या रायमल, पिपलौदा, खराबियां, रामुखे डी खुड़ैल बुजुर्ग के 7 तालाब का गहरीकरण फोर्स मोटर के माध्यम से आरंभ किया जाएगा यहां से मिट्टी को निकाल कर किसानों को उपयोग के लिए ले जाने की छूट दी जा रही है। इंदौर महू सांवेर और देपालपुर जनपद के अंतर्गत कुल 32 बावड़ी का जीर्णोद्धार किया जाना है। उक्त बावड़ियों का चयन कर लिया गया है जल्दी ही यह कार्य आरंभ हो जाएगा। जल हठ में चारों जनपद में सीमांकन अतिक्रमण के 25 मामले सामने आए जिनमें से 18 का निराकरण कर लिया गया है शेष पांच मामलों में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।