इंदौर नगर निगम घोटाले में दो बड़े अफसर गिरफ्तार

 

डिप्टी डायरेक्टर आडिट समरसिंह व सहायक आडिटर रामेश्वर को पुलिस ने पूछताछ के लिए नोटिस देकर बुलाया और ले ली गिरफ्तारी

इंदौर। नगर निगम में फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये के घोटाले में पुलिस ने नगर निगम के दो और अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अधिकारी डिप्टी डायरेक्टर आडिट समरसिंह परमार और सहायक आडिटर रामेश्वर परमार है।
इन आरोपियों द्वारा इस घोटाले में फाइलें पास कर आगे बढ़ाने की बात सामने आई है। गौरतलब है कि निगमायुक्त शिवम वर्मा द्वारा बनाई गई जांच कमेटी ने फर्जीवाड़े में आडिट विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदेहास्पद होने की बात कही थी।

निगमायुक्त ने लिखा था कार्रवाई के लिए

इस पर कार्रवाई करते हुए निगमायुक्त ने आडिट विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए राज्य शासन को लिखा था। इसके आधार पर शासन के वित्त विभाग ने आडिट शाखा के चार वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।
इसमें संयुक्त संचालक अनिल कुमार गर्ग, डिप्टी डायरेक्टर समर सिंह, सहायक आडिटर रामेश्वर परमार और वरिष्ठ आडिटर जेएस ओहरिया शामिल हैं। एमजी रोड पुलिस ने शुक्रवार को समरसिंह परमार और रामेश्वर परमार को गिरफ्तार कर लिया।

ज्वाइंट डायरेक्टर और सीनियर आडिटर पर लटकी तलवार

टीआई विजयसिंह सिसौदिया के अनुसार आरोपी समरसिंह और रामेश्वर ने पूछताछ में बताया कि दोनों वित्त विभाग से अप्रैल 2022 में पदस्थ हुए थे। आरोपियों द्वारा आडिट पर फाइलें भुगतान के लिए भेज दी गईं। पुलिस ने शुक्रवार को नोटिस जारी कर पूछताछ हेतु बुलाया और गिरफ्तारी ले ली। मामले में ज्वाइंट डायरेक्टर अनिल गर्ग और सीनियर आडिटर जगतसिंह ओरिया भी संदेही हैं। दोनों की भूमिका की जांच जारी है।

इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी

मामले में समरसिंह परमार और रामेश्वर परमार के पहले फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड माने जा रहे इंजीनियर अभय राठौर, उदय सिंह भदौरिया, चेतन भदौरिया, राजकुमार साल्वी, मुरलीधरन को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इसमें से मुरलीधरन को हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसी तरह ठेकेदार मोहम्मद सिद्दकी, मोहम्मद जाकिर, मोहम्मद साजिद, राहुल वढेरा, रेणु वढेरा, इमरान, मौसम व्यास को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

कार से फाइलें चुराने वाला फरार

मामले में एहतेमाश उर्फ काकू और सुनील गुप्ता की कार से मूल फाइलों को चुराने का संदिग्ध आरोपी आशु फरार है।