भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में मालवा निमाड़ के सांसदों का रहेगा दबदबा

 

 

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इंदौर। भाजपा की प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में मालवा और निमाड़ अंचल के सांसदों का महत्व बढ़ाने वाला है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के गठन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा में बदल होंगे। प्रदेश में भी भाजपा संगठन में परिवर्तन होने की संभावना है क्योंकि मौजूदा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा का कार्यकाल समाप्त हो गया है।
इंदौर – उज्जैन संभाग में जिस तरह से भाजपा ने लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन किया है उसको देखते हुए यह तय है कि राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर की चंचल के नेताओं का महत्व बढ़ेगा। दरअसल इस अंचल में बड़ी संख्या में आदिवासी और दलित आबादी रहती है इस दृष्टि से माना जा रहा है कि किसी आदिवासी या दलित को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट या केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया जाएगा।

 

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री 9 जून को तीसरी बार शपथ लेने जा रहे हैं। उनके साथ 30, 40 मंत्रियों का मंत्रिमंडल भी गठित होगा। भाजपा के इस अंचल के आठ सांसदों में से सबसे वरिष्ठ मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता हैं जो लगातार तीसरी बार जीते हैं। उनके पास अभी राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष की जवाबदारी है।
सुधीर गुप्ता मंदसौर में संघ के विभाग कार्यवाह भी रहे हैं। साफ़ सुथरी छवि के सुधीर गुप्ता आर्थिक मामलों के अच्छे जानकार हैं। उनके अलावा खंडवा के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, देवास के सांसद महेंद्र सोलंकी, उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया, इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, खरगोन के सांसद गजेंद्र पटेल और धार के सांसद सावित्री ठाकुर दूसरी बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।
जबकि अनीता चौहान पहली बार रतलाम से सांसद बनी हैं। सांसद शंकर लालवानी सिंधी समुदाय से आते हैं। साथ ही उन्होंने बीटेक किया है। इस वजह से उनका नाम केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में लिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में इस बार मध्य प्रदेश को पिछली बार की अपेक्षा कम स्थान मिल सकता है, क्योंकि इस बार केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष सहयोगी दलों को एडजस्ट करने की विवशता है।

 

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के भी नाम चल रहे हैं लेकिन यह लगभग तय है कि प्रदेश से एक मंत्री मालवा और निमाड़ अंचल से लिया जाएगा। क्योंकि मध्य प्रदेश की राजनीति में मालवा और निमाड़ अंचल बहुत अधिक महत्व रखता है।
देश के जिन अंचलों में सर्वाधिक आदिवासी समुदाय रहता है, उनमें खास तौर पर मालवा निमाड़ अंचल का शुमार किया जाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे में भी आदिवासी अंचल महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आदिवासी समुदाय को बहुत महत्व देते हैं।
इस दृष्टि से आदिवासी संसद के मंत्री बनने की संभावना सबसे अधिक है। इस मामले में भाजपा में चर्चा है कि भले ही अनीता चौहान पहली बार सांसद बनी हों लेकिन वह देश की सबसे शिक्षित आदिवासी सांसद हैं।

उनके अलावा राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी बड़वानी के कॉलेज में इतिहास के प्रोफेसर रह चुके हैं। सावित्री ठाकुर 2014 और 2024 में धार से चुनी गई है। जबकि गजेंद्र पटेल दो बार से खरगोन से जीत रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इनमें से किस को मौका मिलता है।