महाकाल में निजी सुरक्षा पर 10  करोड़ खर्च फिर भी अव्यवस्थाएं

– एजेंसी के गार्ड ड्यूटी कम कमाई ज्यादा कर रहे इसलिए आए दिन विवादों के वीडियो वायरल हो रहे
 
दैनिक अवंतिका उज्जैन। 
महाकाल में निजी सुरक्षा पर 10 करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद अव्यवस्था बनी हुई है। मंदिर समिति ने निजी सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर क्रिस्टल एजेंसी को ठेका दे रखा है जिस पर सालाना 10 करोड़ रुपए का खर्चा है। लेकिन एजेंसी द्वारा मंदिर में तैनात किए गए सुरक्षा गार्ड ड्यूटी कम कमाई ज्यादा कर रहे हैं। 
इसका प्रमाण है कि आए दिन मंदिर में विवादों के वीडियो वायरल हो रहे हैं। कभी सुरक्षा गार्ड दर्शनार्थी से रुपए लेते दर्शन कराते हुए पकड़ाते हैं तो कभी झगड़ते हुए। और भी कई तरह शिकायत है इन सुरक्षा गार्डों को लेकर जिनसे मंदिर समिति के न सिर्फ कर्मचारी बल्कि पंडे-पुजारी भी परेशान है। आए दिन प्रवेश द्वार पर ये सुरक्षा गार्ड श्रद्धालुओं से विवाद करते देखे जा सकते हैं। लेकिन मंदिर समिति एजेंसी के कुछ एक गार्ड पर छोटी-मोटी कार्रवाई कर रुक जाती है। इसलिए इन गार्डों के होसले बुलंद है। हाल ही में मंदिर में सुरक्षा में चूक का एक बड़ा वीडियो वायरल भी इन सुरक्षा गार्डों की लापरवाही का ही नतीजा था। स्वयं मंदिर समिति के अधिकारियों ने भी इस बात को स्वीकार किया है। जब लाइन में लगे श्रद्धालु कार्तिक मंडप में बने वेंटिलेशन से कूदकर गणेश मंडप के हाल में पहुंच रहे थे। हालांकि समिति को जैसे ही इस बात का पता चला उक्त वेंटिलेशन बंद करा दिए गए। लेकिन लापरवाही सुरक्षा गार्डों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 
जब श्रद्धालु वेंटिलेशन से कूद रहे 
थे तब निजी सुरक्षा गार्ड कहां थे
बताया जाता है कि मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की लाइन चलाने से लेकर तमाम व्यवस्था की जिम्मेदारी निजी सुरक्षा गार्ड की होती है। लेकिन जब कार्तिक मंडप से लोग गणेश मंडप में वेंटिलेशन से होकर कूद रहे थे उस समय ये गार्ड कहां थे। मंदिर से जुड़े लोग बताते हैं कि थोड़ी-थोड़ी देर में ये गार्ड ड्यूटी से गायब हो जाते हैं। इसके चलते कई बार अव्यवस्था हो जाती है और दर्शन की लाइन बिगड़ जाती है। उस दिन भी यहीं हुआ और यह किसी ने लोगों का कूदते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। 
आखिर मंदिर समिति के अफसर 
क्यों नहीं कर रहे एजेंसी पर कार्रवाई
सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक उजागर होने के बावजूद मंदिर समिति ने अब तक निजी सुरक्षा एजेंसी पर कोई कार्रवाई नहीं की है। यह बड़ा सवाल है कि जब मंदिर में समिति के कर्मचारी छोटी से गलती करते हैं तो उन्हें नोटिस देकर जवाब तलब किया जाता है तो एजेंसी को क्या बचाया जा रहा है।