महाकाल लोक में सिंहस्थ 2028  से पहले 106 नई मूर्तियां लगेंगी

 

– अभी जो मूर्तियां लगी है उन्हें हटाकर चौराहों पर लगाएंगे

– पहले चरण में सप्तऋषियों की मूर्तियां तैयार की जा रही हैं

 

दैनिक अवंतिका उज्जैन। 

उज्जैन में 2028 में लगने वाले सिंहस्थ से पहले महाकाल लोक में 106 नई मूर्तियां लगाई जाएगी। इसके लिए हाट बाजार में मूर्तियां बनाने का काम चल रहा है। पहले सप्तऋषियों की 7 मूर्तियां बनेगी।महाकाल लोक में अभी जो मूर्तियां लगी है उन्हें बाद में हटाकर शहर के प्रमुख चौराहों पर लगा दिया जाएगा। 

उल्लेखनीय है कि साल 2022 में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्जैन आकर महाकाल लोक का लोकार्पण किया था। इसके बाद यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। साल 2023 में बारिश के समय आंधी-तूफान की एक घटना में महाकाल लोक में लगी सप्तऋषियों की 6 मूर्तियां गिर कर टूट गई थी। इसके बाद इन मूर्तियों की क्वालिटी पर सवाल उठे थे। कांग्रेस ने महाकाल लोक के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर जमकर प्रदर्शन कर जांच की मांग की थी। इसके बाद कुछ मूर्तियां वापस बनाकर लगाई गई थी।  

बंसी पहाड़पुर के पत्थर से सप्तऋषियों 

की मूर्तियां 10 कलाकार बना रहे  

हरिफाटक स्थित उज्जैन हाट बजार में महाकाल लोक के लिए सप्तऋषियों की 7 मूर्तियों का निर्माण चल रहा है। यहां ओडिशा के 10 कलाकार मूर्तियों को आकार दे रहे हैं। ये मूर्तियां राजस्थान के बंसी पहाड़पुर पत्थर से बन रही हैं। एक टीम सप्तऋषि व दूसरी टीम अन्य मूर्तियां बनाने में जुटी है।

फाइबर की मूर्तियां खराब हो सकती 

है, एक मूर्ति पर 25 लाख खर्च

विक्रमादित्य शोध पीठ निर्देशन में मूर्तियां बन रही है। पीठ के निदेशक श्री राम तिवारी ने बताया महाकाल लोक की फाइबर की मूर्तियां भविष्य में खराब हो सकती है। इन मूर्तियों को चौराहों या अन्य जगह स्थापित करेंगे। इसलिए यहां के लिए नई मूर्तियां तैयार की जा रही है। सिंहस्थ से पहले मूर्तियां लगा दी जाएगी। 15 फीट ऊंची एक मूर्ति की लागत करीब 20 से 25 लाख रुपए है।

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