इंदौर के एमवाय में आई प्रदेश की पहली ब्लड क्रास मेचिंग मशीन, एक साथ हो सकेगी 90 ब्लड ग्रुप की जांच

 

 

इंदौर। स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश में अधिकांश मामलों में भी अब इंदौर नंबर वन बनता जा रहा है। एमवाय अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में मध्य प्रदेश की पहली इमिनो हेमेटोलाजी सिस्टम मशीन आ चुकी है। जिसमें अब एक साथ 90 ब्लड ग्रुपों की जांच और मेचिंग हो सकेगी। इससे मरीजों के समय की बचत के साथ ही एक्यूरेसी भी रहेगी। इस मशीन की मांग ब्लड बैंक द्वारा लंबे समय से की जा रही है। बता दें कि फुली आटोमेटिक ब्लड ग्रुपिंग और क्रास मेचिंग मशीन सिस्टम की कीमत 50 लाख रुपये हैं, जिसे प्रदेश सरकार द्वारा भेजी गई है।

अभी ब्लड मैचिंग एक-एक मरीजों की करना पड़ती है। जिसके कारण अधिक समय लग जाता है। बता दें कि अस्पताल में रोजाना करीब 150 यूनिट ब्लड की ग्रुप की जांच होती है। वर्तमान में मशीन के इंस्टालेशन का कार्य लगभग पूरा हो गया है। जल्दी ही मरीजों की सुविधा के लिए यह शुरू हो जाएगी।

संक्रमण से बचाएगी यह मशीन

बता दें कि मशीन के आ जाने से अब मरीजों को खून देने से पहले इसकी दोहरी जांच होगी। इस जांच से मरीज में खून चढ़ाने के बाद किसी प्रकार के रिएक्शन का खतरा काफी कम हो जाएगा। ब्लड डोनेशन के समय रक्तदाता के खून के नमूने की ही जांच होती थी। ऐसे में कई बार मरीज को संक्रमण होने, शरीर में कई तरह के रिएक्शन होने का खतरा होता था।

घंटों तक करना पड़ता है इंतजार

वर्तमान में इस पूरी प्रक्रिया में कई बार मरीजों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। जिसके कारण कई बार जिन मरीजों को ब्लड की तुरंत आवश्यकता होती है, उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब ग्रुप मैचिंग और जांच जल्द हो सकेगी। जिससे अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

जल्द खून की थैलियों में लगेगा ट्रैकिंग डिवाइस

ब्लड बैंक में खून की थैलियों पर अब ट्रैकिंग डिवाइस लगाने की तैयारी भी की जा रही है। इससे खून कहां जा रहा है, इसका तो पता चलेगा ही, खून को सही तापमान में रखा गया है या नहीं, इसका भी पता चल पाएगा। इसके जरिए ब्लड बैंक अपने कम्प्यूटर स्क्रीन पर ब्लड की मेडिकल तापमान सुरक्षा और लोकेशन की निगरानी रखी जाएगी।
यह ट्रैकिंग डिवाइस रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम के माध्यम से ब्लड बैंक से कनेक्ट रहेगा। इससे यह भी पता लगाया जा सकेगा कि ब्लड बैंक से रवाना खून कितनी देर में कहां-कहां पहुंचा और मरीज को कितनी देर में चढ़ाया गया।
अभी तक हाथ से ब्लड ग्रुप की जांच की जाती थी। लेकिन अब मशीन आ जाने से मरीजों को सुविधा मिलने लगेगी। यह मध्य प्रदेश के किसी शासकीय अस्पताल में पहली बार आई मशीन है। इससे मरीजों के समय की बचत होगी, क्योंकि एक साथ कई मरीजों के ब्लड ग्रुप की जांच कर सकेंगे।