उज्जैन में महामंडलेश्वर साध्वी व सहयोगी पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज, साध्वी ने पीया कीटनाशक

अस्पताल में भर्ती , अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी साध्वी को पद से हटाया

 

उज्जैन। थाना चिमनगंज में निरंजनी अखाड़े से महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी देवी व उसके सहयोगी अश्विनी चौधरी पर महंत सुरेश्वरनंद के साथ 7 लाख से अधिक की धोखाधड़ी के आरोपों पर एफआईआर दर्ज हुई। जैसे ही साध्वी को सुबह एफआईआर की सूचना लगी तो साध्वी ने अपने आश्रम में रखा फिनाइल पी लिया। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां डॉ कपिल वर्मा ने कहा महिला की हालात गंभीर है। फिनाइल की स्मेल आ रही है। इस मामले में एसपी प्रदीप शर्मा का कहना है कि जांच जारी है। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पूरी महाराज ने भी साध्वी को महामंडलेश्वर पद से तत्काल हटा दिया है।

बताया जाता है कि ये पूरा मामला शहर में स्थित सांदीपनि आश्रम के ठीक सामने महामंडलेश्वर आरोपी साध्वी मंदाकिनी देवी के आश्रम का है, जहां साध्वी ने कीटनाशक पीया। साध्वी पर आरोप है कि उसने और उसके सहयोगी अश्विनी चौधरी ने आश्रम में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के महंत सुरेश्वरनंद महाराज को महामंडलेश्वर की उपाधि निरंजनी अखाड़े में दिलवाने के नाम पर 7 लाख रुपये ले लिए। जब महाराज महामंडलेश्वर नहीं बन पाए तो उन्होंने एफआईआर दर्ज करवा दी। एसपी प्रदीप शर्मा का कहना है जो भी वैधानिक कार्रवाईं आगे होगी वह की जाएगी।डॉ कपिल वर्मा ने कहा कि हालात गंभीर है उपचार जारी है।

साध्वी को महामंडलेश्वर पद से हटाया

यह जानकारी अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्रपुरी महाराज को जैसे ही लगी तो महाराज ने तत्काल प्रभाव से साध्वी को महामंडलेश्वर पद से हटाने के आदेश कर दिए। उन्होंने कहा कि अगर इसके साथ और भी लोग जुड़े है तो मैं सब पर अखाड़े की और से प्रकरण दर्ज करवाऊंगा। अगर कोई पीड़ित है तो बताए एक्शन लिया जाएगा चाहे वह राजनीतिक ही क्यो न लिप्त हो।