मांस, मछली के विक्रय पर रोक, अनुमति लेना अनिवार्य

उज्जैन । कलेक्टर  कुमार पुरुषोत्तम एवं पुलिस अधीक्षक  सचिन शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों एवं विभिन्न धर्मगुरुओं की संयुक्त बैठक लेकर निर्देश दिये हैं कि खुले में तथा बिना अनुमति के मांस तथा मछली के विक्रय पर प्रतिबंध किया गया है। इस सम्बन्ध में अनुमति लेना अनिवार्य है और नियमों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। किसी भी प्रकार के मांस एवं मछली की बिक्री के लिये नगरीय विकास विभाग के अधिनियमों के अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधान लागू हैं, जिसके अन्तर्गत सीएमएचओ द्वारा मांस एवं मछली के विक्रय के सम्बन्ध में अतिरिक्त शर्तें लगाई गई है। इन अधिनियम के अन्तर्गत जारी निर्देशों में स्पष्ट उल्लेख है कि मांस एवं मछली के विक्रय के समस्त प्रतिष्ठानों में अपारदर्शी कांच/दरवाजा एवं साफ-सफाई की सम्पूर्ण व्यवस्था होना अनिवार्य है। इसके साथ ही किसी भी धार्मिक स्थल के आसपास मांस-मछली का विक्रय या प्रदर्शन प्रतिबंधित है। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि नियमों का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाना सुनिश्चित करें। खुले में हर हालत में मांस-मछली का विक्रय न हो। अनुमति सक्षम अधिकारी से लेना अनिवार्य है।

नगरीय निकाय की अनुमति के बिना पशु मांस तथा मछली के विक्रय पर प्रतिबंध

बैठक में नगर निगम आयुक्त  रोशन कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मप्र नगर पालिक निगम अधिनियम-1956 की धारा-253, 254 तथा 255 एवं मप्र नगर पालिका अधिनियम-1961 की धारा-268 एवं 269 के अन्तर्गत नगरीय क्षेत्रों में नगरीय निकाय के अनुमति-पत्र (लायसेंस) के बिना पशु मांस तथा मछली के विक्रय नहीं करने का प्रावधान दिया गया है। नगरीय निकायों से अनुमति-पत्र प्राप्त किये बिना अथवा लायसेंस शर्तों का उल्लंघन करते हुए खुले में या निर्दिष्ट स्थानों के अतिरिक्त पशु मांस तथा मछली का विक्रय किया जाने के सम्बन्ध में उपरोक्त प्रावधानों के अन्तर्गत नगरीय निकायों द्वारा सम्बन्धितों के विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। उल्लेखनीय है कि नगरीय क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर अवैध एवं नियम विरूद्ध पशु मांस तथा मछली का विक्रय किया जा रहा है, जिससे आवारा श्वानों की संख्या में वृद्धि तथा गन्दगी फैलने की स्थिति निर्मित हो रही है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है वरन मानव स्वास्य्क पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ रहा है।

मांस-मछली के विक्रय करने पर लायसेंस लेना अनिवार्य

बैठक में अवगत कराया गया कि उक्त अधिनियमों एवं प्रावधानों में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नगरीय निकाय बिना अनुज्ञप्ति के अथवा लायसेंस शर्तों का उल्लंघन करते हुए खुले में पशु मांस तथा मछली के विक्रय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। नगरीय निकायों को निर्देश दिये हैं कि लायसेंस देते समय सम्बन्धित सक्षम प्राधिकारी यह सुनिश्चित करे कि मांस-मछली की दुकान में साफ-सफाई समुचित हो और कचरे का निष्पादन समुचित हो। मांस विक्रय खुले में न हो तथा दुकानों के सामने अपारदर्शित कांच लगाया जाये। ऐसे व्यक्ति जो अवैध अथवा नियम विरूद्ध बिना अनुमति-पत्र के या लायसेंस शर्तों का उल्लंघन करते हुए पशु मांस अथवा मछली का विक्रय कर रहे हैं, उनके विरूद्ध सम्बन्धित नगरीय निकाय के अतिक्रमण निरोधी दस्ते, स्थानीय पुलिस, प्रशासन एवं पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ सामंजस्य स्थापित करके कलेक्टर के नेतृत्व में नगरीय निकायों में अभियान 31 दिसम्बर तक चलाया जाकर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जा रही है।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ मृणाल मीना, नगर निगम आयुक्त  रोशन कुमार सिंह, एडीएम अनुकूल जैन, धर्मगुरुओं में डॉ.रामेश्वरदास महाराज, महन्त भगवानदासजी महाराज, इस्कॉन मन्दिर के श्री राघव पंडित, बिशप सेबेस्टियन वडक्केल,  खलीकुर्रहमान आदि उपस्थित थे।

Author: Dainik Awantika