April 16, 2024

दैनिक अवंतिका उज्जैन। विधानसभा चुनाव की मतगणना होने से पहले बीजेपी व कांग्रेस की जीत के लिए उज्जैन के मंदिरों व आश्रमों में अलग-अलग रूप से गोपनीय पूजा-पाठ, अनुष्ठान चल रहे हैं तो श्मशान में तंत्र क्रियाएं भी की जा रही है। तांत्रिकों और ज्योतिषियों के अपने-अपने दावे हैं। कोई बीजेपी तो कोई कांग्रेस की जीत तय बता रहा है। हालांकि तांत्रिक व ज्योतिष भी खुलकर नहीं बोल रहे बस अपने आंकड़ों व अनुमान के आधार पर कयास लगा रहे हैं। इस बीच आम नागरिकों का साफ शब्दों में कहना है कि यह सब बाते अविश्वसनीय है असली परिणाम तो 3 दिसंबर को मतगणना होने के साथ सामने आएंगे और उसी से स्पष्ट होगा कि मप्र में आने वाली सरकार किसकी होगी। कौन प्रत्याशी जीत रहा है और हार रहा है। यह सब 3 तारीख को शाम होने तक कांच की तरह साफ हो जाएगा। इसके पहले तक जो भी बात हो रही है सब अनुमान है। जाने चुनाव परिणामों को लेकर क्या बोले तांत्रिक व ज्योतिषि तांत्रिक डॉ. दीपक दुबे भैरवानंद ने मप्र में चुनाव परिणाम को लेकर कहा कि तंत्र क्रियाएं किसी एक चीज के लिए नहीं होती है। जीत के अलावा भी अनेक कार्यों के लिए यह की जाती है। अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए भी यह पूजा की जाती है। जनता की ऐसी भावना है कि मप्र में शिवराज सरकार बने। इसे लेकर पूजा की है। डॉ. दुबे ने कहा कि तंत्र क्रियाएं भी सही आदमी का साथ देती है। किसी अच्छे व सही आदमी का साथ देकर कार्य करती है। बगलामुखी अनुष्ठान किया गया है। क्योंकि यह विजयी की देवी है। तंत्र क्रिया के लिए किसने कहा इसे लेकर उन्होंने कहा कि हमे किसी ने नहीं कहा हम जनता की ओर से यह कर रहे हैं। अनुमान है कि मप्र में 112 से 119 सीट बीजेपी को मिलना चाहिए। वहीं ज्योतिषि का कहना है कि ज्योतिष 27 नक्षत्र, 9 ग्रह और 12 राशि आदि की गणना से चलता है। दोनों पार्टी का आकलन करे तो सत्ता परिवर्तन के संकेत है। मप्र में कांग्रेस को 115 से 117 सीट आ सकती है। इसमें स्पष्ट तो कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन कांग्रेस का पक्ष ज्यादा लग रहा है। उज्जैन के विक्रांत भैरव सेे लेकर महाकाल तक पूजा-अनुष्ठान उज्जैन में शिप्रा के किनारे विक्रांत भैरव मंदिर के प्रांगण में तांत्रिक ने बीजेपी की जीत के लिए पूजा-अनुष्ठान किया है तो कई पंडे-पुजारी महाकाल, मंगलनाथ, हरसिद्धि व अन्य मंदिरों में गोपनीय रूप से कांग्रेस की जीत के लिए पूजा-पाठ और अनुष्ठान कर रहे हैं। हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज की जीत के लिए भी महाकाल में पूर्व में अनुष्ठान किया जा चुका है। वहीं मंगलनाथ व हरसिद्धि में भी पूजा हुई थी। इसके समापन में खुद मुख्यमंत्री पत्नी साधना सिंह के साथ महाकाल, मंगलनाथ और हरसिद्धि में दर्शन करने व अनुष्ठान में शामिल होने पहुंचे थे।