April 24, 2024

दैनिक अवंतिका उज्जैन । आय से अधिक संपत्ति मामले में 11 साल बाद बुधवार को न्यायालय ने पटवारी को 4 साल की सजा का आदेश पारित करते हुए 26.50 लाख जुर्माना लगाया है। लोकायुक्त ने पटवारी के यहां छापा मारकर 1 करोड़ 85 लाख की संपत्ति का खुलासा किया था। 26 मार्च 2012 को लोकायुक्त के तत्कालीन डीएसपी ओपी सागोरिया ने तराना में पदस्थ पटवारी बाबूलाल गोमर के इंदिरानगर स्थित मकान आय से अधिक संपत्ति मामले में टीम के साथ छापा मारा था। दिनभर चली सर्चिंग के बाद सामने आया था कि पटवारी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। सर्चिंग में आभूषणों के साथ 35 बीघा से अधिक भूमि, तीन दोपहिया वाहन और 9 लाख के लगभग नगद राशि मिली थी, जो कुल 1 करोड़ 85 लाख के लगभग थी। मामले में अनुपातहीन संपत्ति का मामला दर्ज कर विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया था। 11 साल बाद विशेष न्यायालय इंदौर के पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायाधीश ओमप्रकाश रजक की कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पटवारी को 4 साल की सजा सुनाते हुए 26.50 लाख का जुर्माना  लगाया है।
पटवारी को 15.91 लाख मिला था वेतन पटवारी बाबूलाल गोमर वर्ष 1990 में शासकीय सेवा में आया था। वह नागदा में पदस्थ रहने के बाद तराना में अपनी सेवा दे रहा था। उसे नौकरी के दौरान 15 लाख 91 हजार 233 रूपये वेतन प्राप्त हुआ था। लोकायुक्त छापे के बाद 84 लाख 94 हजार से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई थी। पटवारी पर लोकायुक्त की नजर उस वक्त पड़ी थी, जब उसके पड़ोसी के घर हुई चोरी के दौरान सामने आया था कि लाखों के जेवरात पटवारी के थे। उसके बाद से लोकायुक्त पटवारी की संपत्ति का आंकलन शुरू कर दिया था।