कारोबारी आत्महत्या मामले में एसटीएफ सिपाही व महिला पर एफआईआर

सुसाइड नोट में एसआई, शो रूम मालिक सहित पांच लोगों के लिखे थे नाम

इंदौर। रॉयल बंग्लो में रहने वाले मोबाइल व्यापारी सुसाइड केस में ढाई माह बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। इस केस में एसटीएफ के सिपाही और मोबाइल व्यापारी के नौकर की मां को आरोपी बनाया गया है। व्यापारी ने जून माह में भंवरकुआं इलाके की एक होटल में आत्महत्या कर ली थी। यहां करीब पांच पन्नों के सुसाइड नोट में उसने पुलिस के एसआई, अपने नौकर उसकी मां, एसटीएफ के सिपाही ओर शोरूम के मालिक के नाम का जिक्र किया है।
टीआई राजकुमार यादव के अनुसार राजीव कुमार पिता सुधीर प्रसाद शर्मा निवासी रॉयल बंगलो की मौत के मामले में इंदौर एसटीएफ में पदस्थ सिपाही प्रशांत सिंह और नर्मदा बाई निवासी बिजलपुर को आरोपी बनाया गया है। जांच में पाया गया कि अनावेदक नर्मदा बाई चौहान द्वारा कूटरचित एग्रीमेंट के आधार पर राऊ थाने में राजीव शर्मा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई।
वहीं, प्रशांत परिहार द्वारा राजीव शर्मा के नाम पर रजिस्टर्ड एसयूवी नंबर एमपी-09-सीडब्ल्यू-9223 को अनधिकृत रूप से अपने कब्जे में रखा गया। इस कारण से राजीव को जेल भी जाना पड़ा। इतना ही नहीं उसे जेल से आने के बाद भी आरोपी रुपयों को लेकर प्रताड़ित करते रहे। जिसके बाद राजीव ने भंवरकुआं इलाके के ग्रेंड राज होटल में कमरा नंबर 304 में फांसी लगाकर जान दे दी।

एसआई, नौकर और शोरूम मालिक के भी नाम

राजीव ने अपनी मौत के पहले जो सुसाइड नोट लिखा। उसमें राऊ थाने के जांच अफसर महेश चौहान, खुद के नौकर विकास और शोरूम के मालिक अशोक का भी नाम था। मामले में कमिश्नर मकरंद देउस्कर को राजीव की पत्नी निशाराज ने शिकायत की।
कमिश्नर ने साफ तौर पर कहा था कि एसआई महेश चौहान ने जांच सही नहीं की है। वहीं बयान में भी उसने यही कहा, इसके चलते उसे आरोपी नहीं बनाया जा सकता। वहीं घर से सामान ले जाने के आरोप में भी एसआई के पास से किसी तरह का सामान नहीं हाेने की पुष्टि हुई। फिलहाल जांच के बाद अफसर मामले में नाम बढ़ाने की बात कर रहे हैं।

Author: Dainik Awantika