भादौ में महाकाल की पहली सवारी आज पहली बार चंद्रशेखर स्वरूप में दर्शन होंगे

 

–  श्रावण का अधिकमास आने से सवारी की संख्या बढ़ी तो नए स्वरूप व रथ भी बनवाने पड़े 

 

दैनिक अवंतिका उज्जैन।  

भादौ मास में भगवान महाकाल की पहली सवारी आज सोमवार को नगर में धूमधाम से निकाली जाएगी। सवारी में भक्तों को पहली बार भगवान महाकाल के स्वरूप चंद्रशेखर के दर्शन होंगे। मंदिर समिति ने इसी यह स्वरूप बनवाया है। श्रावण का अधिकमास आने से इस बार सवारियों की संख्या बढ़ने पर समिति को भगवान के स्वरूप व रथ बनवाने पड़े। 

मंदिर समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि श्रावण-भादौ मास के क्रम में यह नौवीं सवारी तथा भादौ मास की पहली सवारी होगी। सवारी के दौरान नए रथ पर चंद्रशेखर का चांदी का नया मुखारविंद निकाला जाएगा। सवारी मंदिर परिसर में पूजन के पश्चात शाम 4 बजे से निकलेगी। सवारी में सशस्त्र जवानों की टुकड़ी, घोड़े, पुलिस का बैंड, चांदी की पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरूड़ के रथ पर शिवतांडव, नन्दी के रथ पर उमा-महेश, डोल के रथ पर होल्कर सहित नए रथ पर, जटाशंकर, घटाटोप व सप्तधान आदि निकलेंगे। इस प्रकार नौ सवारी के नौ स्वरूप रहेंगे।  

सभामंडप, पूजन, गार्ड ऑफ 

आनर फिर नगर भ्रमण करेंगे

भगवान महाकाल का राजा के रूप में प्रोटोकॉल है। सवारी से पहले मंदिर के सभामंडप में पूजन किया जाएगा। आरती के बाद कहार भगवान की प्रतिमा को चांदी की पालकी में विराजित करेंगे। इसके बाद मंदिर के बाहर द्वार पर जवानों द्वारा गार्ड ऑफ आनर दिया जाएगा। यहां से राजाधिराज महाकाल संपूर्ण लाव-लश्कर के साथ प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण हेतु रवाना होंगे। 

मार्ग में स्वागत, शिप्रा के तट पर 

पूजन होग, आगे ये रहेगा रूट  

महाकाल की सवारी मंदिर से प्रारंभ होकर गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए शिप्रा तट रामघाट पहुंचेगी। मार्ग में जगह-जगह स्वागत होगा। शिप्रा के जल से चन्द्रमोलेश्वर का अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद सवारी रामानुज कोट, कार्तिकचौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए पुन: मंदिर पहुंचेगी।