तपोभूमि में समर्पित की गई सबसे बड़ी राखीतीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथ के निर्वाण महोत्सव पर निर्वाण लाडू समर्पित

उज्जैन । श्री महावीर तपोभूमि में सबसे बड़ी राखी आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के आशीर्वाद से भगवान श्री महावीर स्वामी को समर्पित की गई। संपूर्ण मंदिरों में सभी भगवानों को राखी बांधी गई। राखी पर 700 मुनियो का उपसर्ग दूर हुआ था। इसीलिए जैन धर्म में राखी का बहुत महत्व है। आचार्य प्रज्ञा सागरजी महाराज का कहना है कि इस दिन धर्म की रक्षा एवं देश की रक्षा के लिए संकल्प लेना चाहिए। मानव के उद्धार के लिए काम करना चाहिए, दान धर्म करना चाहिए। जैन धर्म के अनुसार श्री राम जी और हनुमान जी ने आज ही के दिन दीक्षा ली थी लव कुश का जन्म दिवस है श्रेयांसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव है।
तपोभूमि के मीडिया प्रभारी सचिन कासलीवाल ने बताया कि रक्षा बंधन महा पर्व के अवसर पर विष्णुकुमार एवं अकंपनाचार्य आदि 700 मुनिराजों की भक्ति भाव से अष्ट द्रव्यों का वर्ग समर्पित किया गया। देवाधिदेव 1008 श्री भगवान महावीर स्वामी जी के चरणों मे राखी समर्पित करने का सौभाग्य अशोक जैन, सुनील जैन ट्रांसपोर्ट, धर्मेंद्र सेठी, राजेंद्र पलाश लुहाडिया,ओम जैन, विमल जैन, भूषण जैन, सारिका जैन परिवार ने प्राप्त किया। तीर्थंकर भगवान श्री श्रेयांसनाथ के निर्वाण महोत्सव मनाया गया एवं निर्वाण लाडू समर्पित किए गए।

Author: Dainik Awantika