बड़ा गणपति, महाकाल सहित मंदिरों में 31 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त में बंधेगी राखी

 

खजराना गणेश को बंधेगी विश्व की सबसे बड़ी राखी:इसमें नए संसद भवन से लेकर चंद्रयान-3 सहित कई उपलब्धियां दिखेंगी

इंदौर। विश्व की सबसे बड़ी राखी सिद्धिविनायक गणेश खजराना को 31 अगस्त को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में बांधी जाएगी। इस वर्ष राखी में भारत की उपलब्धियों को दर्शाया जाएगा, जिसमें दुनिया के साथ ही भारत का मानचित्र, चंद्रयान-3, नया संसद भवन, वंदे भारत एवं ईस्ट, वेस्ट, साउथ और नार्थ में स्थित देशों को दर्शाया जाएगा।
पुंडरीक पालरेचा ने बताया राखी पूर्ण रूप से हैंडवर्क से बनाई गई है। इसमें सलमा, सितारा, नग-नगीने व जरदौसी के साथ ही आर्टिफिशियल फ्लॉवर भी लगाए गए हैं। इसे तैयार करने में तीन माह का समय लगा और 30 से 40 लोगों ने मिलकर इसे तैयार किया है। साथ ही भगवान गणेश की पोशाकों को भी नग-नगीनों से तैयार किया गया है।
खजराना गणेश के साथ ही शहर के 10 अति प्राचीन मंदिरों के लिए भी 24 से 36 इंच की राखी बनाई गई है। 31 अगस्त को एक साथ-एक समय पर सभी मंदिरों में राखी बांधी जाएगी। इसमें पंचकुइया स्थित वीर आलीजा हनुमान मंदिर, बड़ा गणपति मंदिर, मल्हारगंज स्थित छोटे गणपति मंदिर, सुभाष चौक स्थित मणिभद्र के साथ ही उज्जैन में बाबा महाकाल व चितांमण गणेश को भी यह राखी बांधी जाएगी।

हंसदास मठ में श्रावणी कर्म रक्षाबंधन पर हंसदास मठ में श्रावणी कर्म किया जाएगा। परशुराम महासभा और श्री परशुराम सेना द्वारा यह आयोजन किया जाएगा। पवन शर्मा, आदित्य पाराशर, दीपक शुक्ला व प्रकाश बाजपेई ने बताया सुबह 8 बजे से शुरुआत होगी।
हंसदास मठ में श्रावणी कर्म रक्षाबंधन पर हंसदास मठ में श्रावणी कर्म किया जाएगा। परशुराम महासभा और श्री परशुराम सेना द्वारा यह आयोजन किया जाएगा। पवन शर्मा, आदित्य पाराशर, दीपक शुक्ला व प्रकाश बाजपेई ने बताया सुबह 8 बजे से शुरुआत होगी।

श्रीविद्याधाम: श्रावणी उपाकर्म में 1 हजार साधक लेंगे भाग

एयरपोर्ट रोड स्थित श्री श्रीविद्याधाम में श्रावणी उपाकर्म का शास्त्रोक्त अनुष्ठान बुधवार 30 अगस्त को सुबह 9 बजे से आयोजित होगा। इसमें लगभग एक हजार साधक भाग लेंगे। आश्रम परिवार के सुरेश शाहरा, पं. दिनेश शर्मा एवं राजेंद्र महाजन ने बताया श्रावणी उपाकर्म में स्वामी गिरिजानंद सरस्वती वेद वेदांग विद्यापीठ के नूतन वेदपाठी एवं 200 से अधिक अन्य साधक भाग लेंगे।

Author: Dainik Awantika