रतलाम : सर्किल जिला जेल में ब्रह्माकुमारी द्वारा रक्षाबंधन पर्व मनाते हुए बुराईयों को छोड़ने का संकल्प कराया गया

रतलाम ।  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय डोंगरे नगर एवं पत्रकार कॉलोनी सेवाकेंद्र द्वारा रतलाम के जिला जेल में राखी का पर्व मनाया गया। जिसमें ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा 400 कैदी भाइयों को अलौकिक राखी बांधकर ईश्वरीय संदेश दिया गया। सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि हमेशा श्रेष्ठ कर्मों से पुण्य का खाता जमा होता है तथा परमात्मा की मदद मिलती रहती है रक्षाबंधन परमात्मा के प्रेम के बंधन में बंधना एवं बुराइयों के परतंत्रता से हमेशा के लिए मुक्त होना है।जब हम अपने अंदर के छोटे बड़े बुराइयों का त्याग करते हैं तभी हमें परमात्मा की सच्ची आशीर्वाद व दुयायें प्राप्त होती है।
ब्रह्माकुमारी गीता दीदी ने रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा कि रक्षाबंधन भाई बहनों का परम पवित्र पर्व है राखी का तिलक आत्मा स्मृति का तिलक है रक्षा सूत्र सिर्फ एक धागा नहीं बल्कि परमात्मा की ओर से रक्षा का प्रतीक है क्योंकि परमात्मा हमारी बेहद में तथा सदा काल की रक्षा कर सकते हैं, मुख मीठा करवाना अर्थात वाणी व व्यवहार में मिठास लाना है तथा परमात्मा को अपने अंदर के बुराईयों का दान देना ही सच्ची खर्ची देना है।ब्रह्माकुमारी सोनू बहन द्वारा शुद्ध एवम सकारात्मक विचारों व मन की शांति के लिए राजयोग का अभ्यास कराया गया। ब्रह्माकुमारी आरती बहन द्वारा सभी कैदी भाइयों को अपने अंदर के कोई ना कोई बुराइयों को छोडने की दृण प्रतिज्ञा कराया गया।

Author: Dainik Awantika