April 16, 2024

इंदौर ।  दिगंबर जैन समाज के तीर्थक्षेत्र गोम्मटगिरि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए समाज के चार बड़े जैन साधु आगे आए हैं। आचार्य पुलकसागर, सुधासागर, प्रमाणसागर और आदित्यसागर महाराज ने तीर्थ क्षेत्र की रक्षा के लिए समाजजन को एकजुट होने की अपील की है। ये साधु चातुर्मास के बाद विहार कर दो माह के लिए गोम्मटगिरि आएंगे। इनके सान्निध्य में भगवान बाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट द्वारा गोम्मटगिरि बचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है। इसे लेकर समाज में बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
ट्रस्ट अध्यक्ष भरत मोदी ने बताया कि ट्रस्ट ने साधुओं से गोम्मटगिरि आकर तीर्थक्षेत्र को अतिक्रमणकारियों से बचाने की अपील की थी। तीर्थक्षेत्र की सुरक्षा के लिए साधुओं ने समग्र जैन समाज को एकजुट होने का आह्वान भी किया है। अतिक्रमणकारियों ने देवनारायण मंदिर की स्थापना 2006 से 2009 के बीच की थी, जबकि आने-जाने का रास्ता भी 2010 से 2011 के बीच और फिर 2016 से 2017 के बीच धर्मशाला का निर्माण किया है।
इसके बाद अब कुछ माह पहले गोम्मटगिरि पहाड़ी पर मंदिर के नीचे तरफ पहाड़ी पर भगवान भाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट की भूमि पर जेसीबी लगाकर 30 खंभों के लिए सरिये गाड़े हैं, जबकि यह भूमि ट्रस्ट को शासन से लीज पर आवंटित हुई है। इसका लीज रेंट पर भी 2043 तक शासन द्वारा निर्धारित दर से शासकीय कोषालय में जमा कराया जा चुका है।
एकजुटता से रुकेंगे तीर्थों पर हो रहे कब्जे
तीर्थस्थल की सुरक्षा और दशा सुधारने पर संगोष्ठी सर सेठ हुकमचंद की नसिया जवरीबाग में आयोजित की गई। इसमें गाजियाबाद से आए समाजसेवी और उद्योगपति जंबूप्रसाद जैन ने कहा कि जैन तीर्थ स्थलों की दशा अच्छी नहीं है। तीर्थ स्थलों के विकास की रफ्तार कभी नहीं रुकना चाहिए। जैन तीर्थों पर हो रहे कब्जों को रोकने की आवश्यकता है। इसके लिए समाज को एकजुट होना होगा।
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी व दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के अध्यक्ष राकेश विनायका ने बताया कि इस मौके पर भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी उप्र के अध्यक्ष जवाहरलाल जैन, भगवान ऋषभदेव मूर्ति निर्माण कमेटी औरंगाबाद के महामंत्री संजय पापड़ीवाल मौजूद थे। संचालन हसमुख गांधी ने किया। आभार होलास सोनी ने माना।