April 18, 2024

महिदपुर ।  नगर में चातुर्मास हेतु विराजित सौधर्म बृहत्त तपागच्छाधिपति परम पूज्य आचार्य भगवंत श्रीमद्विजय जयानंदसूरीश्वरजी मसा के सुशिष्य परम पूज्य आचार्य भगवंत श्रीमद्विजय दिव्यानंदसूरीश्वरजी मसा, पूज्य प्रवर्तक श्री वैराग्यानंदविजयजी मसा आदि ठाणा 8 एवं पूज्य साध्वीजी श्री अर्हमयशाश्रीजी मसा आदि ठाणा 6 के पावन सानिध्य में समर्थ गच्छाधिपति परमपूज्य आचार्य श्री सूर्योदयसागर सूरीश्वरजी म.सा. के दिव्याशिष व प्रवचन प्रभावक परमपूज्य आचार्य श्री सागरचन्द्रसागर सूरीश्वरजी मसा की प्रेरणा मार्गदर्शन से निर्मित श्री शत्रुंजय आदिनाथ तीर्थधाम (किला जैन मंदिर) में संप्रतिकालीन 2300 वर्ष प्राचीन आदिनाथ परमात्मा की छत्रछाया में तीर्थधाम में विद्यमान गिरनार तीर्थ रचना के मूलनायक बाल ब्रम्हचारी श्री नेमिनाथ परमात्मा के जन्म कल्याणक के पुनीत पावन अवसर पर प्रात: 7.30 बजे से 8 विशिष्ठ अभिषेक किये जिसमें महा प्रभावशाली स्त्रोतों के पाठ का उच्चार करते हुए प्रथम अभिषेक गिरनार तीर्थ से आये वासक्षेप से, द्वितीय अभिषेक श्री गजपद कुंड के जल से, तृतीय अभिषेक श्री शत्रुंजय नदी के जल से, चतुर्थ अभिषेक श्री सेमलियाजी तीर्थ के गुलाब जल से, पंचम अभिषेक स्वर्ण जल से, षष्ठम अभिषेक श्री गिरनार महा तीर्थ की केशर से, सप्तम अभिषेक विशिष्ठ औषधियों से, अष्ठम अभिषेक पंचामृत से किया जावेगा।
इसके पश्चात् गिरनार तीर्थ रचना के मूलनायक बाल ब्रम्हचारी श्री नेमिनाथ परमात्मा का अष्टप्रकारी पूजन एवं आरती – मंगल दीपक किया गया।