April 18, 2024

– आम के श्रद्धालुओं के लिए मंदिर से 2 किलो मीटर क्षेत्र में सब कुछ मिलेगा
दैनिक अवंतिका उज्जैन। 
श्रावण के अधिकमास में यदि आप धार्मिक नगरी उज्जैन आ रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं कि यहां कैसे घूमे और महाकाल के दर्शन करें। मंदिर के आसपास करीब 2 किलो मीटर के क्षेत्र में ही आपको रहने, खाने से लेकर सब कुछ उपलब्ध है। 
दरअसल जब से महाकाल मंदिर के पीछे महाकाल लोक बना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया है तब से लेकर अब तक प्रतिदिन लाखों की संख्या में देश व दुनियाभर के श्रद्धालु यहां घूमने व महाकाल के दर्शन करने और अब महाकाल लोक को देखने के लिए आ रहे हैं। इससे उज्जैन का बाजार-कारोबार सब कुछ चमक उठा है। लोग खुश है और बाहर से आने वाले लोगों के लिए हर तरह से सेवा के लिए भी तैयार हैं।
उज्जैन आने के लिए रेल
बस व हवाई सेवा उपलब्ध
देश के किसी भी कौने से आप रतलाम, भोपाल या इंदौर रूट पर चलने वाली ट्रेनों से उज्जैन आ सकते हैं। इन सभी जगहों से प्रतिदिन बस भी आसानी से उपलब्ध है। हवाई सेवा के लिए इंदौर सबसे नजदीक एयरपोर्ट है। इंदौर से महज एक से डेढ़ घंटे में फोर व्हीलर वाहन से उज्जैन आ सकते हैं।
500 में रूम, 100 में खाना 
घूमने के लिए ई-रिक्शा है
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उज्जैन बहुत ज्यादा महंगा नहीं है। सामान्य रूप से यहां लोगों को मंदिर क्षेत्र के आसपास धर्मशाला में 500 रुपए में रुम मिल जाता है। लॉज-होटल में 1 से 2 हजार रुपए तक में रूम है। एसी रूम भी 3 हजार के आसपास है। खाने की बात करे तो भोजनालय में 100 से 200 रुपए थाली में पसंद का शुद्ध व भरपेट खाना मिल जाता है। अपने वाहन से आए तो स्वयं घूम ले नहीं तो 100-150 रुपए में ई-रिक्शा मिल जाते हैं। यह आपको चिंतामन गणेश, कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, इस्कॉन मंदिर, शिप्रा का रामघाट आदि जगह घूमा देगा। 
महाकाल में जल्दी दर्शन 
करने है तो 250 की टिकट
महाकाल दर्शन भी बहुत ही आसान है। भले ही भीड़ हो रही हो घबराए नहीं। आम श्रद्धालु यदि मानसरोवर गेट से लाइन में लगता है तो कितनी भी भीड़ के बावजूद 2 घंटे से कम समय में दर्शन हो जाएंगे। इससे भी कम समय में दर्शन करने हो तो काउंटर से 250 रुपए का टिकट ले लें और 4 नंबर से प्रवेश कर 20 मिनट में ही सीधे बेरिकेट्स में दर्शन के लिए पहुंच जाएंगे। यह टिकट आप चाहे तो मंदिर समिति की वेबसाइट से ऑनलाइन भी ले सकते हैं।
भस्मारती अनुमति फार्म सुबह 
7 से, नहीं मिले तो चलित करें
उज्जैन में आने वाला हर कोई व्यक्ति एक बार महाकाल की भस्मारती जरूर करना चाहता है। इसके लिए ऑनलाइन समिति की वेबसाइट पर बुकिंग होती है। यह फुल होने पर ऑफलाइन रोज सुबह 7 बजे से अनुमति के लिए मंदिर के काउंटर से फार्म मिलते हैं। यहां से भी नहीं हो पाए तो परेशान न हो अल सुबह मंदिर पहुंच जाए भस्मारती के चलित दर्शन भी होते हैं। यह निशुल्क है और अनुमति की जरूरत नहीं। 
खरीदी के लिए गोपाल मंदिर
सराफा बाजार नजदीक ही है
उज्जैन में रहना, खाना, घूमना और देव-दर्शन के बाद व्यक्ति कुछ खरीदी करना चाहता है। इसके लिए भी उसे महाकाल मंदिर से ज्यादा दूर जाने की जरूरत नही है। क्योंकि हर तरह की चीज के लिए गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, साराफा बाजार उपलब्ध है। महाकाल से इनकी दूरी मात्र 2 किलो मीटर ही है। यहां खान-पान से लेकर गहने, बर्तन, कपड़ा, पूजन सामग्री, मिठाई,नमकीन से लेकर हर प्रकार की चीज उपलब्ध है। 
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