April 18, 2024

बड़वानी।  विशेष न्यायालय (पाक्सो) बडवानी श्रीमती सारिका गिरी शर्मा ने पारित अपने फैसले मे नाबालिक पीड़िता के साथ आरोपी जीजा द्वारा दुष्कर्म करने के आरोप मे धारा 5एन/6, लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1 हजार रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी जिला बडवानी श्री दुष्यंतसिंह रावत द्वारा की गई।
अभियोजन मीडिया प्रभारी सुश्री कीर्ति चौहान सहायक जिला अभियोजन अधिकारी ने बताया कि 9 सितम्बर 2022 को गांव में नवाई का त्योहार था तो अभियोक्त्री अपनी छोटी बहन व अपने जीजा के साथ नवाई का त्यौहार मनाने अपने जीजा के घर गई थी जहां पर काफी लोग इकट्ठे होकर नाच गाना चल रहा था। अभियोक्त्री के पिताजी भी पहले से वहां पर गये हुए थे। अभियोक्त्री के पिताजी ने ज्यादा शराब पी रखी थी। तो अभियोक्त्री के जीजा (आरोपी) अभियोक्त्री से बोला कि चल तेरे पापा को घर छोड़ आते है तो अभियोक्त्री और उसके आरोपी जीजा अभियोक्त्री के पिताजी को मोटर सायकल से घर छोड़ आये फिर अभियोक्त्री अपने आरोपी जीजा के साथ वापस जीजा (आरोपी) के घर आ रही थीे रात करीबन 3.30 बजे रास्ते में नहर के पास आरोपी ने मोटर सायकल रोक दी और अभियोक्त्री को बुरी नियत से पकड़ लिया व अभियोक्त्री को रोड़ साईट ले गया और अभियोक्त्री के साथ गलत काम करने का बोला तब अभियोक्त्री ने आरोपी को मना कर दिया आरोपी ने अभियोक्त्री के दोनो हाथ जबरजस्ती डुपट्टे से पीछे कि तरफ बांध दिया। फिर आरोपी ने अभियोक्त्री के साथ जबरजस्ती (बलात्कार) गलत काम किया। तभी उसी समय रास्ते से एक मोटर सायकल निकली तो आरोपी ने अभियोक्त्री को छोड़ दिया और अभियोक्त्री वहां से भाग गयी। कुछ देर बाद अभियोक्त्री के भाई और गांव के लोग जो नवाई देखने दुसरे गांव जा रहे थे वह अभियोक्त्री को रास्ते में मिल गये तो अभियोक्त्री ने अपने भाई को घटना बताई। उक्त घटना की रिपोर्ट थाने पर दर्ज करवायी। पुलिस ने अनुसंधान के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया।
चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत