April 15, 2024

शहर को यहां आने वाले श्रद्धालुओं के हिसाब से विकसित करना होगा

उज्जैन ।  विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति एवं अन्य सदस्य आज उज्जैन प्रवास पर आये। यहां उन्होंने संभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, जल संसाधन एवं नगरीय प्रशासन के निर्माण कार्यों की समीक्षा की एवं दिशा-निर्देश दिये। मध्य प्रदेश विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति   रामपाल सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सदस्य  लक्ष्मण सिंह, नीना विक्रम वर्मा, मनोज नारायण सिंह चौधरी एवं डॉ.हीरालाल अलावा एवं समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य एवं लोकलेखा समिति के सभापति  पीसी शर्मा बैठक में शामिल हुए। बैठक में उज्जैन से विधायक  पारस जैन,  रामलाल मालवीय एवं महेश परमार भी शामिल हुए व अपने क्षेत्र की समस्याएं रखी। बैठक के अन्त में सभापति  रामपाल सिंह ने कहा कि उज्जैन शहर का बहुत अच्छा विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर को यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के हिसाब से विकसित करना होगा।
बैठक में सर्वप्रथम लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। अधीक्षण यंत्री द्वारा बताया गया कि उज्जैन संभाग में कुल 5825 ग्राम तथा 8216 बसाहटें हैं। जल जीवन मिशन के तहत उज्जैन संभाग में 738488 घरों में नल कनेक्शन दिये जा चुके हैं। संभाग में 2164 एकल योजनाएं स्वीकृत की गई है। सभी योजनाएं मार्च 2024 में पूरी होना है। बैठक में समिति के सदस्य लक्ष्मण सिंह ने कहा कि नलकूप खनन के चलते भूजल स्तर निरन्तर गिर रहा है तथा अधिक गहरे नलकूपों के कारण फ्लोराइड की समस्या भी आ रही है। भूजल स्तर बढ़ाने के लिये वाटर शेड मैनेजमेंट पर अधिक से अधिक कार्य होना चाहिये। सदस्य मनोज चौधरी ने समूह नल जल योजनाओं के पूर्ण होने का समय निर्धारित करने की बात कही तथा योजनाओं में देरी का कारण जानना चाहा। सदस्य  नीना विक्रम वर्मा ने कहा कि आये दिन गांवों में असफल ट्यूबवेल के गड्ढों में फंसने से बच्चों की मृत्यु की सूचना मिल रही है। इसे रोकने के प्रयास किये जाने चाहिये।
बैठक में इसके बाद लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। अधीक्षण यंत्री ने बताया कि संभाग में कुल 469 निर्माण कार्य प्रचलन में हैं तथा 82 का कार्य पूर्ण हो चुका है। समिति के सदस्य लक्ष्मण सिंह ने सड़क निर्माण में कास्ट कम करने के लिये प्लास्टिक टेक्नालॉजी का उपयोग करने की बात कही। उज्जैन-कोटा मार्ग पर सड़क निर्माण के दौरान खेतों में पानी भरने की शिकायत पर एनएचआई को यह समस्या संज्ञान में लाने के निर्देश दिये गये। जल संसाधन विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधीक्षण यंत्री ने बताया कि संभाग में 46 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा संभाग में सिंचाई क्षमता को विकसित कर चार लाख 72 हजार हेक्टेयर करने का प्रयास किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक द्वारा बैठक में जानकारी दी गई कि संभाग के सभी नगरीय निकायों में कुल 64 निर्माण कार्य प्रारम्भ किये गये हैं, इनमें से 12 पूर्ण हो चुके हैं। बैठक में संभागायुक्त डॉ.संजय गोयल, कलेक्टर  कुमार पुरुषोत्तम, नगर निगम आयुक्त  रोशन सिंह एवं सभी विभागीय अधिकारी मौजूद थे।