April 20, 2024

इंदौर। 2 अगस्त, 2023: पोकरबाजी के प्रतिष्ठित इंडियन माइक्रो पोकर सीरीज़ (आईएमपीएस) 2023 टूर्नामेंट में रायसेन, मध्य प्रदेश के रहने वाले पलाश श्रीवास्तव ने गोल्ड मैडल और 1 लाख रुपए से अधिक की पुरस्कार राशि जीतकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। टूर्नामेंट में पलाश ने अपनी अविश्वसनीय स्किल और शानदार परफॉर्मेंस के दम पर यह खिताब जीता। पलाश ने प्रतिष्ठित फिल्म ‘जेम्स बॉन्ड: कैसीनो रोयाल’ से प्रेरणा लेकर पोकर खेल की शुरुआत की थी।

पलाश की शानदार स्किल्स और विशेषज्ञता को निखारने की ललक ही उन्हें एक अनुभवी पोकर खिलाड़ी बनाती है। एमबीए (मास्टर्स इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) स्नातक, पलाश खेल में शामिल जटिल गणित से शुरू से ही आकर्षित रहे हैं। वे इसे अपने शानदार कैल्क्युलेशन संबंधी निर्णयों, स्ट्रेटेजिक थिंकिंग और अटूट धैर्य के साथ खेलते हैं। इसका परिणाम यह रहा है कि पोकर ने उन्हें वास्तविक जीवन के निर्णय लेने में बेहतर बना दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने इस खेल से जीवन में काम आने वाले कई मूल्यवान सबक भी सीखे हैं, जिसके चलते उनमें बेहतर निर्णय लेने की क्षमता और जीवन के विभिन्न पहलुओं में शांत मानसिकता रखने की कला का सृजन हुआ है।

पलाश श्रीवास्तव ने पोकर में अपनी शानदार जीत और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में बोलते हुए कहा, “आईएमपीएस टूर्नामेंट का हिस्सा बनना और इसका खिताब जीतना मेरे लिए एक शानदार और यादगार अनुभव रहा है। अपनी जीत को लेकर में बेहद उत्साहित हूँ। पोकर को कौशल, सटीकता और धैर्य के खेल के रूप में पहचान प्राप्त है और इसमें कोई दो राय नहीं है कि इसने मेरे व्यक्तित्व के विकास और चुनौतियों से भरी परिस्थितियों में भी शांत रवैया अपनाकर उन पर पार पाने में योगदान दिया है। मुझे उम्मीद है कि पोकर खेल के बारे में अधिक जानने और इसे सीखने में लोगों की विशेष दिलचस्पी बढ़ेगी। जिस तरह इस खेल में लोगों की रुचि बढ़ रही है और निरंतर सूचना का आदान-प्रदान हो रहा है, मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ कि एक दिमागी खेल के रूप में पोकर एक बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों का पसंदीदा खेल बनेगा और भविष्य में इसे और भी अधिक पहचान मिलेगी।”

पलाश श्रीवास्तव की जीत पर बधाई देते हुए, नवकिरण सिंह, सीईओ और सह-संस्थापक, बाजी गेम्स, ने कहा, “पलाश की प्रेरणादायक यात्रा ने यह साबित कर दिया है कि एक सफल करियर सिर्फ मेट्रो शहरों में ही स्थापित नहीं होता, पोकर से छोटे शहरों के लोग भी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। मैं पलाश को उनकी जीत के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। मुझे विश्वास है कि आगामी वर्षों में, अटूट दृढ़ संकल्प और दृढ़ता के साथ अधिक से अधिक खिलाड़ी इस शानदार खेल में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करेंगे और साथ ही पोकर में एक समृद्ध करियर स्थापित करेंगे। इन उपलब्धियों से लोगों में बेहतर सोच और परिस्थिति के अनुसार निर्णय लेने की क्षमता को मजबूती मिलती है। पोकर के ये आवश्यक गुण जीवन की चुनौतियों से पार पाने में विशेष योगदान देते हैं।”

पलाश की सफलता की कहानी ने कई लोगों को प्रेरित किया है। पलाश की इस कहानी से प्रेरणा लेने वाले लोगों में उनका एक करीबी दोस्त भी शामिल है, जिसने उनकी प्रगति और समर्पण को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। पलाश की निरंतर सीखने, किताबें पढ़ने और खेल में खुद को गहनता से शामिल करने की ललक उन्हें मिले पुरस्कारों का जीता-जागता प्रमाण है, जो पोकर उन तमाम लोगों को दे सकता है, जो इसमें महारत हासिल करने की इच्छा रखते हैं।

पलाश ने सरकार से ऑनलाइन गेमिंग के लिए जीएसटी इम्प्लीमेंटेशन पर अपने रुख पर एक बार फिर से विचार करने की अपील की है। पलाश का मानना है कि पोकर कौशल का खेल है, अवसर का नहीं। 28% जीएसटी के इम्प्लीमेंटेशन से उस लगातार बढ़ते समुदाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जो ऑनलाइन गेमिंग में सक्रिय रूप से करियर स्थापित करने की इच्छा रखते हैं।