April 19, 2024

ब्यावरा। राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में आज चैत्र मास के कृष्णपक्ष की दशमी को शहर की हजारों महिलाओं ने प्रात:काल से ही होली दशामाता का व्रत करते हुए जगह-जगह पीपल के वटवृक्ष की विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की। होली दशा के इस पावन पर्व पर महिलाओं ने पीपल के वृक्ष के चारों ओर परिक्रमा करते हुए कच्चा डोरा चढ़ाया, महिलाओं ने अपने घर परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते हुए एक डोरा अपने गले में बांधा माताए वर्ष भर दशा माता का डोरा गले में धारण किए रहती है अगले वर्ष पुन: होली दशा पर पुराना डोरा उतार कर नया डोरा धारण करती हैं। घर की अच्छी दशा बनी रहे इसी मान्यता को लेकर महिलाएं अपने गले में दशामाता का डोरा धारण करती है।
रुनीजा
दशमी के रोज सुबह जल्दी उठकर घर की महिलाएं घर की साफ सफाई कर स्नान ध्यान कर सोलह सिंगार कर पीपल के वृक्ष के पूजन करने के लिए पहुंचते हैं और पीपल के वृक्ष की पूजा कर सुख समृद्धि घर की दशा सुधारने क्या आशीर्वाद दशा माता से मांगती है और कच्चे को सूत पीपल पर लपेटकर 108 परिक्रमा पीपल के चारों ओर लगाती हैं । सुत के धागे का पूजन कर गले पहनती हैं।उसके बाद पास में ही खेत बनाकर घर से लाए गए चने गेहूं खेत बोती है और सुख समृद्धि की कामना दशा माता से करती हैं।
तराना। नगर में दशा माता का पूजन किया गया।शुक्रवार सुबह से महिलाओं द्वारा पूजन किया गया।सरस्वती कॉलोनी में महिलाओ द्वारा दशा माता की पूजन की एवं घर की सुख समृद्धि की कामना की।सुबह से शाम तक महिलाओ की पूजन के लिए भीड़ लगी रही।