भगवान महाकाल के साथ भस्म आरती में खेली 40 क्विंटल फूलों की होली

हजारों भक्तों ने खेला फाग , मस्तक पर रजत त्रिशूल, त्रिनेत्र के साथ मोगरे और गुलाब के फूल अर्पित

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज सोमवार को भस्म आरती के दौरान तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए।
भस्मारती के पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया देश भर से उमड़े हजारों भक्तों ने बाबा महाकाल के संग फाग खेल जिसमें फूलों की होली खेली। आज शाम को बाबा महाकाल के प्रांगण में संध्या आरती के बाद सबसे पहले होली का पूजन होगा और इसके बाद होलिका का दहन किया जाएगा।
भस्म आरती के पूर्व भगवान महाकाल को जल से स्नान, अभिषेक कर पण्डे पुजारियों ने दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा महाकाल का अभिषेक पूजन किया।
भगवान महाकाल को 40 क्विंटल फूल अर्पित कर होली खेली गई। मस्तक पर रजत त्रिशूल, त्रिनेत्र और चंद्र के साथ मोगरे और गुलाब के सुगंधित पुष्प अर्पित कर राजा स्वरूप में श्रृंगार किया गया।
मान्यता है की सभी त्योहारों की शुरआत महाकाल मंदिर से होती है इसी क्रम में सोमवार को भस्म आरती के दौरान महाकाल का भांग,चन्दन,सिंदूर और आभूषणों से श्रृंगार किया गया। मस्तक पर तिलक और सिर पर शेषनाग का रजत मुकुट धारण कर रजत की मुंडमाला और रजत जड़ी रुद्राक्ष की माला के साथ साथ 40 किवंटल सुगन्धित पुष्प से बाबा के साथ होली खेली गई। इस दौरान श्रद्धालु के साथ भी पण्डे पुजारियों ने फूलों की होली खेली ,फूलों की माला अर्पित की गयी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा का आशीर्वाद लिया।

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